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उदयपुर: ईद मिलादुन्नबी जुलूस में स्टील गन से पटाखा फोड़ते समय युवक की मौत, गर्दन में ढक्कन घुसने से सांस नली कटी

उदयपुर के खेमपुरा चौराहे पर ईद मिलादुन्नबी जुलूस के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां स्टील की मॉडिफाइड गन से पटाखा यानी आलू बम फोड़ते समय 22 वर्षीय मोहम्मद सलमान पुत्र मोहम्मद अनवर की मौत हो गई।
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youth dies as steel gun lid pierces neck

मृतक मोहम्मद सलमान (पत्रिका फोटो)

Steel Gun Blast Udaipur: उदयपुर शहर के खेमपुरा चौराहे पर ईद-उल-मिलादुन्नबी के धार्मिक जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। जुलूस की खुशियों के बीच पटाखा फोड़ते समय मॉडिफाइड स्टील गन का ढक्कन फटने से 22 वर्षीय युवक मोहम्मद सलमान की दर्दनाक मौत हो गई।

रेलवे कॉलोनी निवासी मोहम्मद सलमान पुत्र मोहम्मद अनवर जुलूस में शामिल था। वह खेमपुरा चौराहे पर स्टील से बनी एक मॉडिफाइड गन में अति-विस्फोटक आलू बम रखकर चला रहा था। जैसे ही सलमान ने गन के ट्रिगर को अंदर की ओर तेजी से दबाया, अत्यधिक दबाव के कारण गन का पिछला ढक्कन टूटकर सीधे उसकी गर्दन से जा टकराया।

धातु का ढक्कन गर्दन पर लगते ही सलमान की श्वास नली फट गई और गहरा घाव हो गया। वह खून से लथपथ होकर तुरंत मौके पर अचेत होकर गिर पड़ा। घटना के बाद जुलूस में भगदड़ मच गई।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

जुलूस में मौजूद परिजनों और स्थानीय लोगों ने सलमान को तुरंत महाराणा भूपाल (एमबी) अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अत्यधिक खून बह जाने और श्वास नली गंभीर रूप से घाव होने के कारण डॉक्टरों ने उसे बचा पाना असंभव बताया और मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और शव को मोर्चरी में रखवाया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।

परिवार का सहारा था सलमान

सलमान पेशे से टेम्पो चालक था और अपने 5 भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर था। उसके छोटे भाई सोहेल और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। त्योहार की खुशियां मिनटों में मातम में बदल गईं।

क्या होती है मॉडिफाइड गन और क्यों है खतरनाक?

  • यह गन स्टील या भारी लोहे के पाइप से तैयार की जाती है, जिसमें पीछे एक ट्रिगर तंत्र लगा होता है।
  • इसमें सूतली या आलू बम जैसे उच्च क्षमता वाले पटाखे रखकर ट्रिगर से दबाव बनाया जाता है, जिससे तेज धमाका होता है।
  • बिना मानक जांच और अत्यधिक बारूद के दबाव के कारण ऐसी गन के फटने या इसके पुर्जे छिटकने का भारी जोखिम रहता है, जो जानलेवा साबित होता है।