उदयपुर . वर्ष 2018 की स्वच्छता रैकिंग में हमें अव्वल नंबर पर रहना है लेकिन इसके लिए हमें अभी कई प्लेटफॉर्म पर काम करना है।
उदयपुर . वर्ष 2018 की स्वच्छता रैकिंग में हमें अव्वल नंबर पर रहना है लेकिन इसके लिए हमें अभी कई प्लेटफॉर्म पर काम करना है। ऐसा ही एक काम है सिटीजन फीडबैक लाने के लिए अधिकाधिक लोगों तक स्वच्छता एप डाउनलोड करवाना और तय समय सीमा में शिकायतों का समाधान करवाना। अगर ऐसा करने में हम सफल रहे तो नंबर गेम में हमें बढ़त मिलेगी और उसका फायदा रैंकिंग में होगा।
सरकार ने निकायों को जल्द से जल्द इस पर काम करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल उदयपुर की स्थिति इस एप पर काफी कमजोर है। केन्द्र सरकार की स्वच्छ सिटी वेबसाइट पर उदयपुर का प्रदर्शन ठीक नहीं है। काफी कम लोगों ने अपने मोबाइल में यह एप डाउनलोड किया है। जिन्होंने डाउनलोड कर समस्याएं बताई, उसका भी प्रशासन निस्तारण नहीं कर पाई है। अब राजस्थान सरकार ने निर्देश दिए हैं कि दो महीने ही बचे हैं और अच्छे परिणाम लाने के लिए इस प्लेटफॉर्म पर भी निकाय काम करें।
एप डाउनलोड का यह रहेगा फार्मूला
शहरों में जनवरी 2017 से दिसम्बर 2017 एप का कुल डाउनलोड कुल घरों का दस प्रतिशत कम से कम होना चाहिए। उदाहरण के लिए यदि शहर की जनसंख्या 5 लाख है तो पांच व्यक्तियों का परिवार मानते हुए कम से कम 10 हजार घरों को स्वच्छता एप डाउनलोड करना होगा।
स्वच्छता एप का रैंकिंग में फायदा
10 प्रतिशत से अधिक घरों द्वारा एप डाउनलोड करने पर 160 अंक
06 प्रतिशत से अधिक एवं 10 प्रतिशत से कम डाउनलोड करने पर 100 अंक
2.5 प्रतिशत से अधिक व 6 प्रतिशत से कम डाउनलोड करने पर 40 अंक
2.5 प्रतिशत से कम डाउनलोड करने पर 00 अंक मिलेगा
शिकायत का समय सीमा में समाधान तो ये फायदे
100 प्रतिशत शिकायतों का समय सीमा में निवारण पर 160 अंक
80-90 प्रतिशत शिकायतों का समय सीमा में निवारण पर 120 अंक
60-79 प्रतिशत शिकायतों का समय सीमा में निवारण पर 80 अंक
40-59 प्रतिशत शिकायतों का समय सीमा में निवारण पर 20 अंक
40 प्रतिशत से कम शिकायतों का समय सीमा में निवारण पर 00 अंक