पुलिस, परिवहन व चिकित्सा विभाग की टीम ने की कारवाई, सभी एम्बुलेंस की फोटो व वीडियो करवाए, 15-20 चालक गाडिय़ां लेकर तो 34 गाडिय़ां छोड़ भागे, परिवहन विभाग ने चालान काटकर गाडिय़ों पर किए चस्पा, कागजों की होगी जांच
उदयपुर. महाराणा भूपाल चिकित्सालय में निजी एम्बुलेंस संचालकों की दादागिरी व कंडम वाहन चलाने के संबंध में राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद बुधवार को पुलिस, परिवहन व चिकित्सा विभाग ने एक साथ अस्पताल परिसर में छापा मारा। अस्पताल परिसर में अलग-अलग जगह पर खड़ी एम्बुलेंस की फोटो व वीडियोग्राफी करवाई गई, इस दौरान कार्रवाई की भनक लगते ही 15 से 20 एम्बुलेंस चालक गाडिय़ां लेकर भाग निकले। बाकी को पकडऩे के लिए टीम ने समस्त गेट बंद करवाते हुए घेराबंदी की। कई चालक गाडिय़ों को अस्पताल परिसर में ही इधर-उधर छोडकऱ भाग निकले। टीम ने ऐसे 34 चालान काटकर गाडिय़ों पर ही चस्पा किए। अब परिवहन विभाग इन गाडिय़ों के कागजों की जांच करेगा, इसमें कंडम पाई जाने वाली समस्त गाडिय़ां जब्त होगी, वहीं कैमरे में कैद हुई गाडिय़ों की भी जांच की जाएगी। इधर, अस्पताल प्रबंधन व्यवस्था को सुधारने के लिए सिर्फ प्री-पेड एम्बुलेंस सेवा का ही संचालन करेगा। इसमें कंडम व निजी समस्त गाडिय़ां बाहर होगी तथा कागजात, फिटनेस वाली गाडियां ही चलेंगी।
राजस्थान पत्रिका के 3 दिसम्बर के अंक में ‘एमबी अस्पताल में निजी एम्बुलेंस संचालकों की दादागिरी...मिलीभगत से चल रही, अधिकांश कंडम’। ‘कार्रवाई शून्य गेट और कार्डियोलॉजी के बाहर खड़ी निजी एम्बुलेंस’ शीर्षक से खबरें प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशन के बाद एसपी योगेश गोयल, आरटीओ नेमीचंद पारीक व एमबी चिकित्सालय अधीक्षक डॉ.आर.एल. सुमन के निर्देशन में पुलिस, परिवहन व चिकित्सा विभाग की टीमों का गठन कर छापा मारा।
एमबी अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजीव टांक, परिवहन विभाग निरीक्षक सैयद शकील अली, यातायात निरीक्षक सुनील चारण, सीआई भरतसिंह मय टीम ने अस्पताल परिसर में अलग-अलग जगह खड़ी समस्त एम्बुलेंस की पहले फोटो व वीडियोग्राफी करवाई। कार्रवाई की भनक लगने से 15-20 चालक गाडिय़ों लेकर निकल गए। टीमों को पता चला तो उन्होंने बाद में अस्पताल परिसर के समस्त गेट को बंद करवाए। उसके बाद टीमों ने 34 एम्बुलेंस के चालान काटे। मौके से चालक गाड़ी छोडकऱ भाग निकले, ऐसे में परिवहन विभाग ने चालान की कॉपी उनकी गाडिय़ों पर चस्पा की।
जांच के दौरान टीम को अस्पताल परिसर यूपी व एमपी नम्बर की एम्बुलेंस भी मिली। यूपी नम्बर वाली में पेशेंट मिले, जबकि एमपी वाली कोई नहीं था। टीम ने इस एम्बुलेंस का भी चालान काटा। कार्रवाई के दौरान गुजरात नम्बर की एम्बुलेंस को चालक लेकर भाग निकला।
मौके पर कुछ संस्थाओं की भी एम्बुलेंस मिली, जिनमें निशुल्क सेवा के बारे में जानकारी दे रखी है, लेकिन इन सेवा का लोगोंं को पता ही नहीं। ये एम्बुलेंस संचालक वहां पार्किंग में जगह घेर कर खड़े रहे। अस्पताल प्रबंधन इन एम्बुलेंस के बारे में भी कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाया। अब ये एम्बुलेंस भी अस्पताल के रिकॉर्ड में ली जाएगी, ताकि पता चल सके कि ये निशुल्क सेवा और गरीबों को ज्यादा से ज्यादा फायदा हो।
- अस्पताल प्रबंधन ने किसी भी एम्बुलेंस के लिए अस्पताल में कोई पार्किंग की जगह तय नहीं की। ऐसी स्थिति में अवैध रूप से पार्किंग के भी कई गाडिय़ों के चालान काटे गए।
- कई गाडिय़ां कंडम है, जिनके चालक गाड़ी छोड़ भाग गए। अभी कागजों की जांच के बाद इन गाडिय़ों की जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
- अस्पताल परिसर से बाहर निकली कई गाडिय़ां फोटो व वीडियो मेंं कैद हो गई। उन गाडिय़ों के नम्बर के आधार पर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।