उदयपुर

बंटवारे के दर्द को बयां करती है ‘टोबा टेकसिंह की कहानीÓ

शिल्पग्राम के दर्पण सभागार में एकल नाट्य प्रस्तुति Theator At Shilpgram, Udaipur
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बंटवारे के दर्द को बयां करती है 'टोबा टेकसिंह की कहानीÓ
बंटवारे के दर्द को बयां करती है 'टोबा टेकसिंह की कहानीÓ

उदयपुर . Theator At Shilpgram, Udaipur पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से रविवार को मासिक नाट्य संध्या रंगशाला में ख्यात रंगकर्मी, अभिनेता और निर्देशक मलय मिश्रा द्वारा सआदत हसन मंटो की कहानी पर आधारित नाटक 'टोबा टेक सिंह की कहानीÓ में भारत-पाक बंटवारे के दर्द को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया गया।

शिल्पग्राम के दर्पण सभागार में इस एकल नाट्य प्रस्तुति का कथानक बंटवारे के बाद बिशन सिंह उर्फ टोबा टेक सिंह की मनोव्यथा पर आधारित है। Theator At Shilpgram, Udaipur

दरअसल वह भारत में जाना चाहता है, लेकिन इसी बीच उसे ज्ञात होता है कि विभाजन में उसका गांव टोबा टेक सिंह पाकिस्तान में शामिल हो गया है। यहीं से उसके जीवन की त्रासदी की शुरूआत होती है और उसका मौत सरहद पर ही हो जाती है। Theator At Shilpgram, Udaipur

गौरतलब है कि रांची के रंगकर्मी मिश्रा इस एकल प्रस्तुति में सशक्त अभिनय के दम पर कहानी के मूल भावों को बखूबी दर्शाते और असर छोड़ते हुए दर्शकों से अनूठा संवाद करते नजर आए।

Updated on:
05 Jan 2020 09:49 pm
Published on:
05 Jan 2020 09:49 pm