उदयपुर

ट्रस्ट बनाकर जावरमाता मंदिर का रुपया हड़पा!

trust fraud case स्थानीय सरपंच के साथ ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से की शिकायत
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ट्रस्ट बनाकर जावरमाता मंदिर का रुपया हड़पा!
ट्रस्ट बनाकर जावरमाता मंदिर का रुपया हड़पा!

उदयपुर/ सलूम्बर. trust fraud case गिर्वा पंचायत समिति क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जावर माता मंदिर के नाम पर बनाए गए ट्रस्ट की राशि के गबन का मामला शुक्रवार को गरमा गया। स्थानीय सरपंच, वार्ड पंच के साथ ग्रामीणों ने कुछेक लोगों की ओर से धार्मिक राशि के दुरुपयोग का अंदेशा जताते हुए जिला कलक्टर, देवस्थान विभाग की सहायक आयुक्त प्रियंका भट्ट एवं टीडी थाना पुलिस को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने गबन की राशि को बरामद कर कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि मंदिर करीब सात सौ वर्ष पुराना है एवं वर्तमान में लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र है। पुराने समय में मंदिर की पूजा अर्चना के लिए पुजारी नियुक्त किया गया था। मंदिर देव स्थान विभाग के अधीन होकर आत्मनिर्भर श्रेणी का है। बावजूद इसके वर्ष 2007-2008 में गांव के ही कुछ लोगों ने धोखे से देवालय विकास ट्रस्ट का पंजीकरण कराया। इसमें गांव के भी कुछ लोगों को शामिल किया। आरोप है कि कथित लोगों ने दान में आने वाले रुपयों का यह लोग निजी उपयोग करने लगे। आरोप है कि पंचायत स्तर पर 27 सील चिट की गई दान पेटी को भी आरोपियों ने 27 नवम्बर को खोलकर 15 लाख रुपए निकाल लिए। आरोप ऐसे भी हैं कि आरोपियों के स्तर पर देवस्थान की जमीन पर निजी कब्जे किए हुए हैं। trust fraud case जावर माइंस मजदूर संघ के महामंत्री लालूराम मीणा, उपाध्यक्ष नगाराम खराड़ी, वार्डपंच विमल तावड़, कांतिलाल, मोगाजी, रणजीत, केशुलाल, सरपंच प्रतिनिध प्रकाशचंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने मंदिर को जावर गांव को सुपुर्द करने की भी मांग की।

Published on:
07 Dec 2019 06:00 am