
उदयपुर. अपराध और दबंगई के दम पर सरकारी जमीनों पर कब्जा जमाने वालों के खिलाफ अब प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। शहर से सटे चिकलवास क्षेत्र में एक हिस्ट्रीशीटर की ओर से किए सरकारी जमीन के कब्जे पर यूडीए ने मंगलवार को बुलडोजर चला दिया। हिस्ट्रीशीटर ने यहां करीब 75 हजार वर्गफीट सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बाउण्ड्रीवाॅल बना दी थी। यहां पर वह भूखंड काटने वाला था। यूडीए ने बाउण्ड्रीवाॅल ध्वस्त करके जमीन को कब्जे में लिया। इस सरकारी जमीन की कीमत करीब 35 करोड़ रुपए बताई गई।
इस हिस्ट्रीशीटर की कुंडली खोलते हुए पुलिस ने सरकारी जमीन पर कब्जे की पड़ताल की थी, उसे राजस्थान पत्रिका ने 9 जून के अंक में अपराध के बूते कब्जे... निशाने पर हिस्ट्रीशीटर, बुलडोजर करेंगे बेदखल शीर्षक से खबर प्रकाशित कर कब्जे की पूरी पोल उजागर की थी। पुलिस रिपोर्ट व खबर प्रकाशन के बाद यूडीए ने पड़ताल के बाद हिस्ट्रीशीटर रोहिताश उर्फ रोहित श्रीमाली को नोटिस थमाए। जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद आयुक्त अभिषेक खन्ना एवं सचिव हेमेन्द्र नागर के निर्देश पर तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान भू-अभिलेख निरीक्षक राजेन्द्र सेन, बाबूलाल तेली, पटवारी हितेन्द्र सिंह तंवर सहित यूडीए कार्मिक व होमगार्ड जाब्ता मौजूद था।
एसपी ने लिखा था प्रशासन को पत्र
पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने जिले के हार्डकोर अपराधियों और हिस्ट्रीशीटर्स की ओर से सरकारी भूमि पर किए कब्जों को लेकर जिला कलक्टर को पत्र भेजा था। पत्र में ऐसे मामलों की जांच कर सरकारी भूमि को मुक्त कराने की आवश्यकता जताई गई थी। जिला कलक्टर स्तर से मामला उदयपुर विकास प्राधिकरण को भेजा गया, जिसके बाद प्राधिकरण ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि राजस्व ग्राम चिकलवास की आराजी संख्या 3070, 3071, 3073 एवं 3075 में दर्ज प्राधिकरण स्वामित्व की भूमि पर रोहिताश श्रीमाली ने कब्जा किया गया था। यह भूमि राजकीय खाते में दर्ज होने के बावजूद चारों ओर बाउंड्रीवाल बनाकर निजी स्वामित्व की तरह उपयोग में ली जा रही थी।
नोटिस दिया, सुनवाई का मौका भी मिला
यूडीए अधिकारियों ने मामले में सीधे कार्रवाई नहीं की, बल्कि पहले उदयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम-2023 की धारा 70 के तहत प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद कब्जाधारी को नोटिस जारी कर भूमि पर स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया। प्राधिकरण ने सुनवाई का पूरा अवसर दिया, लेकिन कब्जाधारी भूमि पर अपने अधिकार का कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। रिकॉर्ड की जांच में भी जमीन सरकारी स्वामित्व की पाई गई। इसके बाद प्राधिकरण ने अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया और नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई को अंजाम दिया।
100 फीट रोड पर थी करोड़ों की जमीन
जमीन चिकलवास क्षेत्र में उस महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर स्थित है, जहां से बड़गांव-कविता मार्ग को जोड़ने वाली मुख्य 100 फीट सड़क गुजरती है। शहर के विस्तार और आसपास विकसित हो रही आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों के कारण इस क्षेत्र की भूमि के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि भूमाफिया और प्रभावशाली लोग लंबे समय से इस क्षेत्र की सरकारी जमीनों पर नजरें गड़ाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो भविष्य में इस भूमि पर अवैध प्लॉटिंग या अन्य निर्माण गतिविधियां भी शुरू हो सकती थीं।
बुलडोजर चलाकर तोड़ी बाउंड्रीवाल
टीम ने जेेसीबी की मदद से बाउंड्रीवाल और अन्य अवैध निर्माणों को हटाया। कई घंटे चली कार्रवाई के बाद लगभग 75 हजार वर्गफीट भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर पुनः प्राधिकरण के कब्जे में लिया गया। यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना ने आमजन से अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद-फरोख्त से पहले उसके दस्तावेज और स्वामित्व की जांच अवश्य करें।