उदयपुर

राजस्थान पुलिस के ‘जांबाज़’ SHO दलपत सिंह राठौड़ की ‘साइलेंट’ अटैक से मौत, CPR भी नहीं आई काम

SHO Dalpat Singh Rathore Death News | उदयपुर के अंबामाता थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ का ड्यूटी जाते समय हार्ट अटैक से निधन। 50 वर्ष की उम्र में राजस्थान पुलिस ने खोया एक जांबाज और संवेदनशील ऑफिसर।
2 min read
Jul 29, 2026
Udaipur Ambamata SHO Dalpat Singh Rathore Passed Away Heart Attack News
Udaipur Ambamata SHO Dalpat Singh Rathore Passed Away

राजस्थान पुलिस बेड़े और मेवाड़ अंचल के प्रशासनिक गलियारों के लिए 29 जुलाई 2026 की सुबह एक दुखद खबर लेकर आई। उदयपुर जिले के अंबामाता पुलिस थाने के कमान संभाल रहे 50 वर्षीय थानाधिकारी (SHO) दलपत सिंह राठौड़ का अचानक तबीयत बिगड़ने और साइलेंट हार्ट अटैक आने के कारण इलाज के दौरान निधन हो गया। बुधवार सुबह जब वे कानून व्यवस्था की महत्वपूर्ण ड्यूटी संभालने के लिए अपने आवास से रवाना हुए थे, तभी रास्ते में उनकी छाती में तेज दर्द उठा। अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों और लगातार सीपीआर (CPR) देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

मूल रूप से भीलवाड़ा जिले के रहने वाले दलपत सिंह राठौड़ को मेवाड़ क्षेत्र में उनकी संवेदनशील कार्यप्रणाली, मजबूत पुलिसिंग और आमजन के प्रति सहयोगात्मक रवैये के लिए जाना जाता था। उनके अचानक चले जाने से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरी राजस्थान पुलिस स्तब्ध है।

ड्यूटी पर जाते वक्त बिगड़ी तबीयत

घटनाक्रम 29 जुलाई की सुबह का है, जब पूरे शहर में पुलिसकर्मी अपनी दैनिक प्राथमिकताओं और सुरक्षा व्यवस्था में जुटे हुए थे। उदयपुर के मोहता पार्क क्षेत्र में एक आदिवासी संगठन की विशाल रैली का आयोजन प्रस्तावित था। इस दौरान शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए एसएचओ दलपत सिंह राठौड़ की विशेष ड्यूटी लगाई गई थी।

वे अपने आवास से कार से ड्यूटी स्थल के लिए निकले थे। रास्ते में अचानक उन्हें सीने में असहनीय दर्द और भारीपन महसूस हुआ। तबीयत तेजी से बिगड़ने पर उन्होंने स्थिति को भांपते हुए अपनी साथी पुलिस अफसर और हाथीपोल थानाधिकारी को फोन करके तुरंत अपनी लोकेशन और गंभीर स्थिति की जानकारी दी।

डॉक्टरों की कोशिशें रहीं नाकाम

साथी पुलिसकर्मियों की सूचना पर एम्बुलेंस व पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उन्हें महाराणा भूपाल (एमबी) अस्पताल पहुंचाया गया। एमबी अस्पताल के इमरजेंसी व आईसीयू वार्ड में डॉक्टरों की स्पेशल टीम ने उन्हें तुरंत अटेंड किया। चिकित्सकों ने लगातार काफी समय तक सीपीआर (CPR) देकर उनकी धड़कन वापस लाने का हर संभव प्रयास किया।

डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें बेहद गंभीर साइलेंट हार्ट अटैक आया था, जिसके कारण उनके शरीर ने दवाइयों या सीपीआर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।

भीलवाड़ा के निवासी, उदयपुर में अनुभव

50 वर्षीय दलपत सिंह राठौड़ राजस्थान पुलिस बल के उन अधिकारियों में गिने जाते थे जिनका जमीनी नेटवर्क और जनसंपर्क बहुत मजबूत माना जाता था। वे पिछले करीब 6 महीने से उदयपुर के संवेदनशील माने जाने वाले अंबामाता पुलिस थाने के थानाधिकारी के रूप में तैनात थे।

इससे पहले वे खेरवाड़ा, कोटड़ा सहित उदयपुर जिले के विभिन्न ग्रामीण व शहरी पुलिस थानों में लंबे समय तक एसएचओ रहकर अपराध नियंत्रण में अहम भूमिका निभा चुके थे। वे मूल रूप से पड़ोसी जिले भीलवाड़ा के रहने वाले थे, जहां उनके गृह नगर में इस दुखद खबर के पहुंचते ही शोक छा गया।

दो बेटों के सिर से उठा पिता का साया

जांबाज अफसर दलपत सिंह राठौड़ के आकस्मिक निधन की खबर से उनका परिवार पूरी तरह टूट गया है। दलपत सिंह अपने पीछे पत्नी और दो युवा बेटों का परिवार छोड़ गए हैं। उनके बड़े बेटे मयंक राज सिंह (24) और छोटे बेटे पुष्पेंद्र सिंह (22) पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना की सूचना मिलते ही उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक (SP), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित जिले के तमाम प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी एमबी अस्पताल के मॉर्च्युरी पहुंचे और दिवंगत अफसर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया।

Updated on:
29 Jul 2026 02:41 pm
Published on:
29 Jul 2026 02:40 pm