पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मेवाड़ में दो दिन प्रवास पर रहे। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं के नाम बदल सकती है, लेकिन बंद नहीं करना चाहिए। साथ ही भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, कन्हैयालाल केस को लेकर भ्रम फैलाया गया, अब वे कुछ नहीं बोल रहे।
उदयपुर: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कन्हैयालाल हत्या प्रकरण में केंद्र सरकार और भाजपा को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि चुनावों में पांच लाख बनाम 50 लाख का भ्रम फैलाकर भुनाने वाली भाजपा अब कुछ नहीं बोल रही। तीन साल से ज्यादा समय से केस एनआइए के पास लंबित है। इससे कन्हैयालाल का परिवार भी सदमे में है।
गहलोत ने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को (बांसवाड़ा में 25 सितंबर को प्रस्तावित दौरे में) कम से कम यह तो स्पष्ट करना चाहिए कि केस आगे क्यों नहीं बढ़ रहा। दो दिवसीय दौरे पर उदयपुर आए गहलोत ने रविवार को कन्हैयालाल के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की। उसके बाद सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह प्रकरण बहुत गंभीर था।
सीएस और डीजीपी के साथ वे स्वयं उदयपुर आए। परिवार से बातचीत की। चंद घंटों में आरोपियों को पकड़ा। आजादी के बाद यह पहला केस है, जिसमें परिवार को इतना बड़ा पैकेज दिया, जिसमें दोनों बच्चों को नौकरी और 51 लाख रुपए शामिल है। तत्कालीन विपक्ष, जिसमें गुलाबचंद कटारिया भी शामिल थे, उन्होंने भारी गलती की और केस एनआइए को दिलवा दिया। गहलोत ने कहा, एनआइए एक विश्वसनीय एजेंसी है, लेकिन इतने संगीन मामले में ऐसी लापरवाही समझ में नहीं आ रही।
गहलोत ने कहा कि पिछले दिनों गृहमंत्री अमित शाह आए थे, तब उन्होंने यह मामला उठाया था। लेकिन गृहमंत्री ने जवाब नहीं दिया। गहलोत ने दावा किया कि यदि वे होते तो यह मामला छह महीने-साल भर में नतीजे पर पहुंच जाता। आरोपियों को अब तक फांसी या आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी होती। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार की हार में एक प्रमुख कारण यह भी था, जिसमें भाजपा भ्रम फैलाने में कामयाब रही।
गहलोत ने तंज कसा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर खूब ढोल पीटा गया, लेकिन धरातल पर या स्थिति है सब जानते हैं। उन्होंने उदयपुर की आयड़ नदी में सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने कहा, स्मार्ट सिटी तो छोड़िए, कोई एक गांव भी स्मार्ट बना हो तो बता दें।
गहलोत ने कहा कि एमएलएसयू की वीसी के खिलाफ गंभीर शिकायतें हैं। वीसी निवास पर काम करने वाली महिलाओं की आपबीती सुनकर वे खुद आश्चर्य चकित हैं। महिलाओं को इस तरह प्रताड़ित किया गया, कोई सोचा भी नहीं सकता। गहलोत ने कहा कि वीसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के नाते लोग समस्याएं लेकर उनके पास आते हैं। वे पत्र लिख अवगत कराते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री जवाब तक नहीं देते। ऐसा पहली बार देखा है कि इस सरकार में आम जनता की किसी को फिक्र नहीं है। सरकार का इकबाल तक नहीं है। अपराधी निरंकुश हो रहे हैं। बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा इत्यादि से जुड़ी समस्याओं के कारण आमजन खफा है।
हमारी सरकार ने अन्नपूर्णा का भरा हुआ थैला जरूरतमंदों को दिया था, अब मोदीजी का फोटो लगाकर खाली थैला दे रहे हैं। उन्होंने मेवाड़ में कांग्रेस पार्टी के मजबूत होने का दावा करते हुए कहा कि वर्तमान में देश को कांग्रेस विचारधारा की सख्त जरूरत है। गहलोत बोले-स्कीम का नाम बदलो, काम तो मत बदलो।