राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना हाइवे का पेचवर्क कार्य
मेनार.भटेवर. राष्ट्रीय राजमार्ग 48 उदयपुर-चित्तौड़गढ़ सिक्स लेन का कार्य कागजों में भले पूरा हो गया हो, लेकिन जगह-जगह अधूरे कार्यों और खड्डों ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए है। निर्माण एजेंसी द्वारा किए जा रहे मेंटेनेंस कार्यों के तहत पेचवर्क व डामरीकरण के कारण गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई है। जिसका मुख्य कारण बारिश के दिनों में एक साथ मुख्य मार्ग को पूरी तरह बंद कर ट्रैफिक को सर्विस रोड पर डाइवर्ट करना है। जिसके कारण एक सिंगल सर्विस रोड पर सिक्स लेन का ट्रैफिक डायवर्ट किया जा रहा है। इससे सर्विस रोड से हाइवे को क्रॉस करने वाले व गांव-कस्बों में जाने वाले राहगीर परेशान हो चुके है। यहां तक सर्विस रोड जो गांव-कस्बों और सड़क पार करने के लिए टू-वे के तौर पर काम में ली जाती है, लेकिन सिक्स लेन का ट्रैफिक डाइवर्ट करने से सिर्फ एक तरफा यातायात से सैकड़ों लोग रोजाना फंस रहे है। वहीं, घंटों ट्रैफिक में रुकना पड़ रहा है। एक तरफ जहां फर्राटे से गाड़ियां दौड़नी थी, वहां अब कछुआ चाल से वाहन रेंग रहे है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या कुछ दिनों से नहीं बल्कि महीनों से है। कभी देबारी पावर हाउस से डायवर्ट तो कभी डबोक चौराहे से, वहीं कई बार कुंवारी माइंस से डाइवर्ट कर दिया जाता है। एक तरह से सिक्स लेन अभी सर्विस रोड पर ही चल रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि जिन आबादी इलाकों से हाइवे की सर्विस रोड गुजर रही है, इन क्षेत्रों में कहीं भी नालियां नहीं बनाई गई। ऐसे में मकानों, दुकानों एवं अन्य प्रतिष्ठानों से निकलने वाला नालियों का पानी सर्विस रोड पर फैल रहा है। यहीं गंदा पानी वाहनों के निकलने पर कीचड़ फैला रहा है। हालात यह है कि जगह-जगह सड़क पर नालियों का पानी बह रहा है। डबोक में तो और भी हालत खराब है, यहां नालियां नहीं बनी हैं।
उदयपुर-चित्तौड़गढ़ हाइवे पर सर्विस रॉड के हालात बदतर है। कई जगह खड्डे है, तो कई जगह पर डामर बिखरा पड़ा है। हाइवे मुख्य मार्ग से सर्विस लेन पर जाने वाले कट के हाल तो गंभीर है। जगह-जगह सीमेंट उखड़ कर लोहे के सरिए निकले हुए है, जिनसे आए दिन टायर पंचर हो रहे है। आधी अधूरी सर्विस रोड पर अब फुल ट्रैफिक डाइवर्ट करने से हालत गंभीर हो गए है। जिस मार्ग पर वीआईपी मूवमेंट (डबोक एयरपोर्ट) रहता है, उस मार्ग की सड़क चमक रही है। जबकि अन्य जगह पर हालत खराब है। बारिश के बाद पानी भराव से समस्या बढ़ गई है।