उदयपुर

अगर वाहन बीमित है तो मृतक को देनी होगी क्लेम राशि, उदयपुर कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

स्थायी लोक अदालत ने दिलाए एक लाख रुपए
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Jan 11, 2018
lok adalat

उदयपुर . दुपहिया व चारपहिया वाहन के बीमे के साथ चालक व बीमित व्यक्ति का भी बीमा निहित होता है। संयोगवश अगर उसकी मौत हो जाती है तो दुर्घटना के केस के अलावा वाहन बीमा के तहत दुपहिया वाहन चालक को एक लाख रुपए व चारपहिया वाहन चालक को दो लाख रुपए तक का भुगतान किया जाता है। एक ऐसे की मामले में स्थायी लोक अदालत ने दुपहिया चालक की मौत होने पर उसे बीमा कंपनी से एक लाख रुपए की राशि दिलाई।
खेमपुरा निवासी किरणदेवी, उसकी पुत्री आकांक्षा सिंह व पुत्र आकाश सिंह ने दी न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड शक्तिनगर जरिये शाखा प्रबंधक के खिलाफ वाद दायर किया। बताया कि 10 सितम्बर 2013 को उसके पति मोटरसाइकिल से रात 11 बजे ड्यूटी से लौट रहे थे। प्रतापनगर में दरोली हाउस के निकट एक गाय से टकराने से दुर्घटनाग्रस्त होने से उनकी मृत्यु हो गई। इस संबंध में प्रतापनगर थाने में मामला दर्ज करवाने के साथ ही पशुओं को नियंत्रित नहीं कर पाने के कारण होने के संबंध में निगम व राज्य सरकार के विरुद्ध फेटल एक्सीडेंट एक्ट के अधीन अलग से मुकदमा दर्ज कराया। मोटरसाइकिल का बीमा कराने पर नियमानुसार एक लाख रुपए का बीमा चालक या वाहन स्वामी का मृत्यु होने पर होता है। शंकरसिंह वैध व प्रभावी लाइसेंसधारी था, इसके बावजूद विपक्षी ने उसे बीमा राशि का भुगतान नहीं किया। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष के.बी.कट्टा व सदस्य बृजेन्द्र सेठ ने प्रार्थी का अवार्ड पारित कर विपक्षी को आदेश दिया कि वह दो माह में परिवादियों को बीमा राशि के एक लाख रुपए के अलावा वाद दायर करने की तिथि‍ से 10 प्रतिशत ब्याज तथा मानसिक, शारीरिक व आर्थिक क्षति के 10 हजार रुपए अलग से अदा करें।


साढ़े तीन लाख की मुआवजा राशि पर सहमत

जावरमाइंस. टेलींग डेम पर जेसीबी चलाते हुए बेहोश हुए युवक की मौत का मामला साढ़े तीन लाख रुपए की मुआवजा राशि पर निपटा। गौरतलब है कि मंगलवार सुबह 11 बजे हिन्द जिंक के टेलींग डेम पर कार्यरत कम्पनी में जेसीबी चालक थाणा निवासी बंशीलाल (40) पुत्र सिगंराज मीणा जेसीबी चलाते हुए बेहोश हो गया। कामगारों ने उसे तत्काल हिन्द जिंक के केन्द्रीय चिकित्सालय पहुंचाया। उसे उदयपुर रेफर किया गया। एमबी चिकित्सालय में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं करने एवं शव लेने से इनकार कर दिया था व 15 लाख की मुआवजा राशि की मांग करते हुए कस्बे के मजदूर संघ कार्यालय पहुंच गए थे । जावर माइंस मजदूर संघ महामंत्री लालुराम मीणा ने मध्यस्थता करते हुए कम्पनी से साढ़े तीन लाख रुपए मुआवजा राशि दिलाने के लिए परिजनों क ो मनाया व पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा।
बोलेरो चोरी : पीलादर गांव से बीती रात अज्ञात चोर बोलेरो जीप चुरा ले गए। पीलादर निवासी रतनलाल पुत्र मेघाजी पटेल के घर के बाहर से जीप चोरी हो गई थी। सूचना पर पुलिस ने नकाबंदी कराई परन्तु पता नहीं लगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

Published on:
11 Jan 2018 03:12 pm