नुकीले चम्मच से ही खोद डाली जेल की दीवार, फुर्र की योजना विफल
मोहम्मद इलियास/उदयपुर
सलूम्बर उपकारागार की दीवार खोदकर पांच कैदियों ने फरारी भागने का प्रयास किया। बंदियों ने नुकीला औजार बनाकर दीवार को खोदना शुरू किया, लेकिन गश्त प्रहरी की निगाह पड़ गई। मामला सामने आने पर पांचों बंदियों को उदयपुर मुख्य कारागार भेज दिया गया। सलूम्बर थाने में पांचों बंदियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।उप कारागार में बंद लूट, मारपीट व हत्या के आरोपी भंवरिया उर्फ भंवरा पुत्र भगवाना, केशिया उर्फ कैसा पुत्र हीरा, सूरज उर्फ हुर्जा पुत्र देवा, निवासी गावाडापाल तथा गमीरा पुत्र दौला निवासी बड़ावली, प्रकाश पुत्र अमृतलाल निवासी खोखादरा ने मिलकर मंगलवार शाम करीब चार बजे सब्जी बनाने के लोहे के चम्मच की डंडी को नुकीला बनाकर बैरक की दक्षिणी दीवार खोद डाली। शाम को गश्त प्रहरी इंदरसिंह मीणा की नजर दीवार के पास खुदाई व वहां बिखरी मिट्टी पर पड़ गई। मीणा ने इसकी जानकारी उप कारापाल सैयद आमिर अली को दी। प्रहरी जगदीश मीणा, भूपेश नायक, जयंत नागदा एवं अन्य स्टाफ सहयोगी की मदद से बैरक की तलाशी ली। बैरक में चमच बरामद हुआ।
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दो इंच तक खोद डाली दीवार
पांचों बंदियों ने दीवार को दो इंच तक खोद दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2002 में भी उपकारागार के लोहे का जंगला तोड़कर पांच विचाराधीन बंदी फरार हो गए थे। सभी बंदी गामड़ापाल के ही थे।मामला दर्ज, जांच शुरूउप कारागार की दीवार खोदने की सूचना पर जेल प्रशासन एवं पुलिस विभाग में हड़कम्प मच गया। कार्रवाई में गोपनीयता बरतती गई। सलूम्बर पुलिस वृत्ताधिकारी रतन चावला, थानाधिकारी हनवंतसिंह सोढ़ा उप कारागार पहुंचे। पांचों बंदियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पांचों बंदियों को कड़ी सुरक्षा में उदयपुर केंद्रीय जेल में स्थान्तरित कर दिया गया।
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बंदियों के खिलाफ सलूम्बर थाने में मामला दर्ज होने के बाद उन्हें यहां केन्द्रीय कारागृह में शिफ्ट किया गया है। इस मामले की अभी जांच चल रही है।
सुरेन्द्र सिंह शेखावत, अधीक्षक उदयपुर केन्द्रीय कारागृह