उदयपुर

डिपो बंद रहने से कई पेट्रोल पंप ड्राई, बढ़ती जा रही परेशानी

उदयपुर में डीजल संकट गहराने से कई पेट्रोल पंपों पर सीमित सप्लाई दी जा रही है, जबकि कुछ पंप पूरी तरह ड्राई हो गए हैं। डिपो का संचालन समय घटने और सप्लाई कम आने से बड़े वाहनों व ट्रकों को डीजल देने से भी मना किया जा रहा है।

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May 25, 2026
file photo

उदयपुर. शहर में पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और डीजल की किल्लत से आमजन, परिवहन संचालकों व व्यापारियों की लगातार परेशानियां बढ़ती जा रही है। हालत यह है कि कई पेट्रोल पंपों पर डीजल सीमित मात्रा में दिया जा रहा है, जबकि कई पंप रविवार को डिपो बंद रहने के कारण पूरी तरह ड्राई हो गए। शहर में ईंधन संकट के चलते परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने लगी है और इसका असर अब बाजारों तथा रोजमर्रा की जरूरतों पर भी लगातार पड़ता जा रहा है।

पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार पहले डिपो से सुबह 7 बजे निकलने वाली सप्लाई गाड़ियां दिनभर में विभिन्न पंपों पर माल पहुंचाकर वापस डिपो लौट जाती थी, इससे सप्लाई का चक्र सुचारू रूप से चलता रहता था। लेकिन अब डिपो संचालन का समय कम कर दिया गया है। वर्तमान में सुबह करीब 9 बजे से दोपहर 3 से 4 बजे तक ही गाड़ियों को लोडिंग के लिए लिया जा रहा है और शाम 5 बजे तक डिपो की प्रक्रिया बंद हो जाती है। सीमित समय और गाड़ियों की कम संख्या के कारण शहर में ईंधन की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

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सप्लाई कम आने से बचा रहे स्टॉक

पंप संचालकों का कहना है कि सप्लाई कम आने के कारण उन्हें स्टॉक बचाकर चलना पड़ रहा है। इसी वजह से कई जगह उपभोक्ताओं को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि भारी वाहनों और बड़े ट्रकों को डीजल देने से भी मना किया जा रहा है। कई उपभोक्ताओं को बार-बार पंप बदलने पड़ रहे। रविवार को डिपो बंद रहने से हालात और अधिक बिगड़ गए। कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो गया और ड्राई जैसी स्थिति बन गई। पंप संचालकों ने बताया कि पहले रविवार के लिए पहले से पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हो जाता था, लेकिन अब सप्लाई बाधित होने के कारण यह व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। कई पंपों ने डीजल की बिक्री सीमित कर दी, जबकि कुछ ने बड़े वाहनों को साफ तौर पर मना कर दिया।

ट्रांसपोर्ट कारोबारी सर्वाधिक परेशान

डीजल संकट का सीधा असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल की कमी और बढ़ती कीमतों से माल ढुलाई महंगी हो गई है। लंबे रूट पर चलने वाले ट्रकों की संख्या कम हो रही है और कई वाहन समय पर माल नहीं पहुंचा पा रहे। इसका असर मंडियों में भी देखने को मिल रहा है, जहां खाद्यान्न, फल और सब्जियों की आवक प्रभावित होने लगी है। व्यापारियों के अनुसार यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में आवश्यक वस्तुओं के दाम और बढ़ सकते हैं। व्यापारिक संगठनों और परिवहन व्यवसायियों ने सरकार और तेल कंपनियों से मांग की है कि शहर में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा डिपो संचालन का समय बढ़ाया जाए, ताकि सप्लाई व्यवस्था जल्द सामान्य हो सके और आमजन को राहत मिल सके।

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Published on:
25 May 2026 06:15 pm
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