
Lake City Tourism: झीलों की नगरी उदयपुर में आने वाले सैलानियों को जल्द ही एक नया और आरामदायक अनुभव मिलने वाला है। राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत शहर को जल्द ही 10 डबल डेकर ई-बसें मिलने वाली हैं। पर्यावरण अनुकूल ये बसें शहर की अन्य ई-बसों से अलग होंगी और इनका संचालन मुख्य रूप से केवल प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए ही किया जाएगा। राज्य सरकार ने उदयपुर के लिए बजट में 50 डबल डेकर ई-बसों की घोषणा की थी।
राज्य सरकार ने जयपुर, जोधपुर और उदयपुर को इस परियोजना का मुख्य केंद्र बनाया गया है। इन शहरों में डबल डेकर ई-बसों का संचालन पर्यटन के नए मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। बस का निचला हिस्सा वातानुकूलित (एसी) होगा, जबकि ऊपरी डेक को पर्यटक अनुभव के अनुरूप में विकसित किया जाएगा, ताकि सैलानी सफर के दौरान शहर की खूबसूरती का खुलकर आनंद ले सकें। झीलों की पाल, प्रमुख पर्यटन स्थलों व हैरिटेज मार्गों से गुजरते समय बस की ऊपरी मंजिल से मिलने वाला दृश्य पर्यटकों के लिए अलग ही आकर्षण बनेगा।
उदयपुर के लिए 20 ई-बसों की पहली खेप पहले जून के अंतिम सप्ताह तक आने की संभावना थी, लेकिन सप्लाई की सीमित संख्या और तकनीकी, प्रशासनिक कारणों से फिलहाल इनकी आपूर्ति टल गई है। अब इन बसों के जुलाई में उदयपुर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि अभी तक जुलाई में बसें मिलने की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
राज्य सरकार की यह योजना केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे पर्यावरण संरक्षण और शहरी परिवहन सुधार की सोच भी जुड़ी है। ई-बसें डीजल की बसों की तुलना में प्रदूषण कम करेंगी, वहीं एक बस में अधिक यात्रियों के सफर करने से निजी वाहनों पर निर्भरता भी घटेगी। इससे शहर के प्रमुख पर्यटन मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम करने में भी मदद मिलेंगी।
जानकारी के अनुसार उदयपुर में पर्यटकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए शुरू होने वाली डबल डेकर इलेक्टि्क बस में यात्री एक बार टिकट लेने के बाद दिनभर लेकसिटी के दर्शन कर सकेंगे। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से इन बसों के रूट जोड़े जाएंगे, ताकि शहरों मेें आने वाले पर्यटकों की पर्यटन स्थलों तक आवाजाही आसान हो सके।