
उदयपुर. शहर की सड़कों पर ई-बसों का संचालन शुरू होने के साथ ही इनके सुचारू संचालन में सड़क की चौड़ाई और बेतरतीब पार्किंग चुनौती बन रही है। पुरानी डीजल बसों की तुलना में ई-बसें करीब एक से डेढ़ फीट चौड़ी हैं। ऐसे में कई स्थानों पर इनके गुजरने के दौरान पीछे वाहनों की कतार लग रही है। सड़क किनारे अतिक्रमण, ठेले और बेतरतीब पार्किंग के कारण सड़क का उपयोगी दायरा और कम हो रहा है। ऐसे में इनके संचालन को लेकर परेशानी और बढ़ सकती है। अभी 9 मीटर वाली 33 बसों में सिर्फ 12 बसें रूट पर चल रहीं। आने वाले समय में 12 मीटर लंबाई वाली पांच ई-बसें भी आने हैं, जिसे संभवतया: एयरपोर्ट रोड पर चलाया जाएगा।
राजस्थान पत्रिका की टीम ने शुक्रवार को एकलिंगपुरा से रामपुरा तक संचालित ई-बस में सफर किया। इस दौरान सामने आया कि बस की अधिक चौड़ाई के कारण चालक को कई जगह काफी सावधानी से बस चलानी पड़ती है। कई स्थानों पर सड़कचौड़ी होने के बावजूद किनारों पर बेतरतीब पार्किंग, ठेले और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण बस के संचालन में दिक्कत होती है। कई मार्गों पर कार या ऑटो चालक बस को ओवरटेक नहीं कर पाते और उन्हें चौड़ीसड़क मिलने का इंतजार करना पड़ता है। इधर बस को भी सड़क किनारे खड़ी करने में परेशानी होती है।
इन जगहों पर ज्यादा परेशानी
सेवाश्रम ओवरब्रिज के समीप बीएन के बाहर, कुम्हारों का भट्टा ओवरब्रिज के समीप, एयर पैलेस, चरक छात्रावास के सामने तथा मल्लातलाई चौराहा से रामपुरा चौराहा तक बस के संचालन के दौरान दूसरे वाहन आसानी से ओवरटेक नहीं कर पाते।
मोड़ पर भी करनी पड़ती है मशक्कत
बस की चौड़ाई अधिक होने से छोटे टर्न पर इसे मोड़ते समय दूर से घुमाना पड़ता है। रामपुरा तिराहा, मल्लातलाई चौराहा, राड़ाजी तिराहा, शास्त्री सर्कल और सूरजपोल चौराहा सहित कई स्थानों पर बस को घुमाने में परेशानी होती है।
एलिवेटेड रोड से सड़क और संकरी
सिटी रेलवे स्टेशन से कलक्टर बंगले तक बन रही एलिवेटेड रोड के कारण नीचे सड़क पर काफी कम जगह बच रही है। ऐसे में ई-बस के संचालन में परेशानी हो रही है। इन स्थानों पर सुबह-शाम कार्यालय समय में यातायात का दबाव अधिक रहता है, जिससे बस के संचालन में भी दिक्कत आती है।
चालक भर रहे लॉग शीट
वर्तमान में रूट पर चल रही ई-बसों के चालक लाॅग शीट भर रहे हैं। इसमें बस किस स्थान पर कितनी बजे पहुंच और कितनी देर खड़ी रही यह भरा जा रहा है। चालकों को निर्देश दिए हुए हैं कि 25 प्रतिशत बैटरी शेष रहने पर बस को डिपो में लेकर आना है। इन शीटों के अनुसार आने वाले दिनों में बसों की टाइमिंग भी सेट की जाएगी।
अलग-अलग रूट पर बैटरी की खपत भी अलग
ई-बसों में अलग-अलग रूटों पर बैटरी की खपत भी अलग-अलग हो रही है। कुछ बसों के ट्रैफिक में फंसने पर कम किमी चलने पर भी बैटरी खत्म हो जाती है। इसमें हाइड्रोलिक फाटक है, उनके बार-बार खुलने, एसी की स्पीड आदि से भी बैटरी की खपत अधिक होती है। ई-बस एक बार चार्ज करने पर 160 किमी चल सकती है।
चालक बोले- सुविधाओं का रखा ध्यान
चालक सुरेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि बसें काफी अच्छी हैं। इनमें हर वर्ग की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। विकलांगों के लिए लिफ्ट लगी हुई है। आपात स्थिति के लिए पैनिक बटन भी है। बस में लगे कैमरे दोनों गेट के साथ बस के बाहर पीछे की ओर सड़क तक को कवर करते हैं।
यात्रियों को आरामदायक लगा सफर
हिरण मगरी निवासी मोहनबाई ने बताया कि मैं नियमित रूप से सिटी बसों का उपयोग करती हूं। यह बस काफी अच्छी है। इसमें यात्रियों के लिए अच्छी जगह है, जिससे सफर आरामदायक रहता है।
रामपुरा निवासी प्रेरणा चौहान ने बताया कि कॉलेज से घर जा रही हूं। यह एसी बस है और इसमें काफी अच्छी सुविधाएं हैं। सबसे बड़ी बात इसमें महिला कंडक्टर भावना रजक हैं। इससे महिलाओं को सफर में असहज महसूस नहीं होता।
एकलिंगपुरा निवासी लक्ष्मीलाल शर्मा ने बताया कि महाकालेश्वर दर्शन करने जा रहे हैं। ऑटो तीन स्थानों पर बदलना पड़ता है। इसमें 60 रुपए लगते हैं। बस में 30 रुपए का टिकट लगा है, जो काफी किफायती है और सफर भी आरामदायक है।
एकलिंगपुरा निवासी भैरूलाल पटेल ने बताया कि बस में काफी जगह है। बड़े-बुजुर्गों के बैठने की भी सुविधा है। एकलिंगपुरा से दोपहिया वाहन पर मल्लातलाई पहुंचने में करीब 40 मिनट लगते हैं। बस में 50 मिनट में यह सफर किया, जो आरामदायक है।
वर्तमान में 33 ई-बसों में से 12 चलाई गई हैं। अन्य का रजिस्ट्रेशन हो रहा है, जैसे-जैसे रजिस्ट्रेशन होगा उन्हें भी रूट पर चलाया जाएगा।
-रितेश पाटीदार, प्रभारी अधिकारी, उदयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड