
उदयपुर. पर्यटन नगरी होने के बावजूद यहां पर्यटकों की सुविधाओं का ध्यान नहीं दिया जा रहा। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और पर्यटन स्थलों पर रोड मैप लगाए जाए। सड़कों के किनारे फुटपाथ की बनाने के साथ ही आयड़ नदी का व्यविस्थत विकास होना चाहिए। प्रतिनिधि जो बात बोले उसे धरातल पर भी उतारे, लंबी सोच के साथ काम हो तो उदयपुर आने वाले पर्यटक बार-बार यहां आने की चाह रखेंगे। यह बात शहर के लाेगों ने राजस्थान पत्रिका के जागो जनमत कार्यक्रम के तहत कही।
शहर में ट्रैफिक की काफी समस्या है। जगह-जगह आवारा पशु बैठे रहते हैं। ट्रैफिक से बचने के लिए बनाई जा रही सड़कों का उपयोग पूरा नहीं हो पा रहा। एलिवेटेड रोड बनाने से समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
-राजकुमार कालरा
हमारा शहर पर्यटन नगरी है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के साथ ही हर पर्यटन स्थल पर रोड मैप लगे होने चाहिए। इनमें दोपहिया और चारपहिया वाहन किस सड़क से कौनसे स्थल पर आसानी से पहुंच सकते हैं यह जानकारी भी देनी चाहिए। इससे जाम से भी निजात मिलेगी और पर्यटक भटकेंगे भी नहीं।
-ओमप्रकाश हरगोड
शहर में सड़कों पर फुटपाथ नहीं है। ऐसे में पैदल चलने वाले स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुछ दशक पूर्व तक शहर की प्रमुख सड़कों पर फुटपाथ थे, लेकिन धीरे-धीरे इन पर भी सड़कें बना दी गई और ये गायब हो गए।
- रोहित मेनारिया
झीलों के कारण हमारे शहर की पहचान है। झीलों के किनारे बनी कई होटलों के ड्रेनेज झीलों में खोल दिए गए हैं। सीवरेज झीलों के बीच से निकाली गई है। इनके टैंक से भी गंदा पानी झीलों में समाहित हो रहा है। शहर के लोगों को भी चाहिए कि वे झीलों में किसी भी प्रकार की गंदगी नहीं डाले।
-ओमप्रकाश पालीवाल
शहर के बीच से निकल रही आयड़ नदी को लेकर लंबे समय से लोगों को मूर्ख बनाया जा रहा है। करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद इसका स्वरूप सुधरने की बजाय बिगड़ता जा रहा है। नदी में किए जा रहे निर्माण कार्य से इसकी बहाव क्षमता कम हो रही है। वहीं अब तक यह प्रदूषण मुक्त नहीं हो पाई है।
-हिम्मतसिंह गोड़