13 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उदयपुर : बारिश का पहला दौर थमा, अब 20 के बाद दूसरे चरण से उम्मीदें

उदयपुर में मानसून का पहला दौर कमजोर पड़ने से पिछले पांच दिनों से बारिश नहीं हुई है और अगले एक सप्ताह तक व्यापक वर्षा की संभावना कम है।
2 min read
Google source verification
udaipur cloudy weather

उदयपुर में दिनभर आसमान में बादलों और सूर्य के बीच लुकाछिपी का दौर चलता रहा। ठंडी हवाओं के चलते मौसम खुशनुमा बना रहा। शाम को बादलों की ओट में अस्ताचल की ओर बढ़ता सूर्य मध्यम दिखा। इस दौरान फतहसागर झील किनारे बड़ी संख्या में पर्यटक और शहरवासी सुहानी बयार का आनंद लेते नजर आए।

उदयपुर. मानसून की दस्तक के बाद अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे शहरवासियों को फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा। पिछले पांच दिनों से उदयपुर में बारिश नहीं हुई है, जबकि आसमान में लगातार बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मानसून का पहला दौर कमजोर पड़कर समाप्त हो चुका है और अगले एक सप्ताह तक व्यापक बारिश की संभावना कम ही है। ऐसे में 20 जुलाई के आसपास मानसून का दूसरा दौर सक्रिय होने पर मेवाड़ में अच्छी वर्षा की उम्मीद बन सकती है।

उदयपुर में मानसून की शुरुआत उम्मीद के अनुरूप नहीं रही। शुरुआती दिनों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई, लेकिन अधिकांश क्षेत्र अच्छी वर्षा से वंचित रह गए। बरसात के अभाव में दिन में उमस बढ़ रही है। सुबह—शाम ठंडक बनी हुई है, लेकिन बरसात के अभाव साफ महसूस हो रहा है। रविवार को भी दिन में बादलों की आवाजाही से धूप—छांव का दौर चलता रहा, वहीं हवाओं के जोर से शाम को ठंडक महसूस की गई। ऐसे में इन दिनों बरसात नहीं होने की चर्चा हर तरफ बनी हुई है।

तापमान में बढ़ोतरी

रविवार को अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री और न्यूनतम 27.1 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2 डिग्री अधिक रहा। शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 26.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। ऐसे में रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी भी दर्ज की गई।

अब तक बारिश कम रहने के पांच प्रमुख कारण

- प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में अल नीनो के कारण बादलों में नमी कम होना।

- बंगाल की खाड़ी व अरब सागर की शाखाओं की नमी मेवाड़ पहुंचने से पहले कम होना।

- मजबूत निम्न दबाव तंत्र का लगातार नहीं बनने से बरसात का क्रम टूटता रहा है।

- उत्तर-पश्चिम से शुष्क हवाओं का प्रभाव रहा, जो मानसूनी नम हवाओं पर हावी रही।

- दक्षिण-पश्चिम से आने वाली हवाओं का ऊपर उठना जरूरी है, जो नहीं उठ पाई है।

पूर्वानुमान: छिटपुट जगह पर ही गिर सकती हैं बौछारें

एक कमजोर सिस्टम के प्रभाव से 14-15 जुलाई को प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के अधिकांश भागों में आगामी 5-6 दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना है। उदयपुर संभाग में छिटपुट स्थानों पर मामूली बौछारें गिर सकती है। बाकी 16 जुलाई तक तेज बरसात या आंधी जैसी संभावना नहीं है।

उदयपुर सहित मेवाड़-वागड़ में मानसून का पहला चरण कमजोर पड़ चुका है। अगले कुछ दिन व्यापक वर्षा की संभावना कम है, हालांकि स्थानीय स्तर पर दोपहर बाद हल्की बारिश हो सकती है। यदि 20 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में मजबूत मौसम तंत्र बनता है तो मानसून का दूसरा दौर दक्षिणी राजस्थान में अच्छी बारिश लेकर आ सकता है।

प्रो. नरपतसिंह राठौड़, मौसमविद