
नजदीकी गांव लीलावास निवासी लीला पत्नी विक्रम कालबेलिया को बुधवार सुबह 8 बजे प्रसव पीड़ा होने पर झाड़ोल सीएचसी लाया गया। चिकित्सक श्रवण कुमार मौजूद थे। प्रसूता को भर्ती कर लिया, लेकिन दो घंटे बाद ही प्र्रसूता को उदयपुर रैफर कर दिया। रैफर के दौरान 108 एबुलेन्स से आधा किलोमीटर दूर चलते ही प्रसव हो गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से सामान्य प्र्रसव को भी जटिल बताकर उदयपुर रैफर कर दिया जाता है। जबकी कई प्रसूताओं को रास्ते में ही प्र्रसव हो जाता है। कई बार दे रात्रि को आने वाली प्रसूताओं को भी सामान्य प्र्रसव के बावजूद जटिल बताकर उदयपुर के लिए रैफर कर देेते हैं।
एक दन्त चिकित्सक के भरोसे केन्द्र
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रसव से लेकर आउटडोर तक की सारी जिम्मेदारी एक दन्त चिकित्सक डॉ. अनुराग आर्य और कोल्यारी से प्रतिनिुयक्ति पर कार्यरत डॉ. वीसी कटारा के भरोसे है। उपखण्ड मुख्यालय समेत क्षेत्र के 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एक भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं। फिर भी 100 से अधिक होते हैं। प्रसव-आदिवासाी बाहुल्य उपखण्ड क्षेत्र झाड़ोल में 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झाड़ोल, फलासिया, कोल्यारी, ओगणा, मादड़ी में एक भी स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं है। यहां वर्ष 2008 से स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। प्रसूताओं को
नर्सिंग स्टाफ ही संभालते हैं। यहां औसत मासि क 100 से अ धि क प्र स व हो ते हैं।
इनका कहना...
वास्तविक जानकारी लेकर ही बता पाउंगा। ऐसा है तो डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
धमेन्द्र गरासिया, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, झाड़ोल