
कानोड़.(उदयपुर) भींडर एसडीएम पर्वत सिंह चुंडावत ने बुधवार को कानोड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। जहां डॉक्टर सहित नर्सिंग स्टाफ नदारद मिला। निरीक्षण के दौरान एसडीएम के साथ कानोड़ तहसीलदार रणजीत यादव भी मौजूद रहे।
अपराह्न करीब 2 बजे एसडीएम चिकित्सालय पहुंचे और डॉक्टर आरके सिंह के चेंबर में बैठकर सभी कर्मचारियों को उपस्थिति देने की बात कही। प्रभारी डॉ. राजेश करणपुरिया की अनुपस्थिति में मौजूद डॉ. सुरेन्द्र सेपट व वरिष्ठ मेल नर्स चक्रपाणि पांडे ने एसडीएम को चिकित्सालय की स्थिति के बारे में अवगत कराया। निरीक्षण के दौरान तीन डॉक्टर व 9 नर्सिंग स्टाफ अनुपस्थित मिले। जिनकी रिपोर्ट बनाकर संबंधित अधिकारियों को भेजी गई। चिकित्सालय में बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर भी एसडीएम गुस्सा हुए और संबंधित ठेकेदार को नोटिस देने की बात कही। एसडीएम ने नाइट ड्यूटी करने वाले को दिए जाने वाले अवकाश पर भी सवाल उठाते हुए सुधार के निर्देश दिए। चिकित्सालय के सामने आड़े-तिरछे खड़े वाहनों को पार्किंग में खड़े करवाने की बात कही। चिकित्सालय में सुरक्षा गार्ड की कमी, 104-108, ब्लड बैंक, बायो मेडिकल ठेकेदार, सरकारी लैब में होने वाली जांचे, एक्स-रे, सोनोग्राफी के बारे में जानकारी ली।
निशुल्क दवा घर में फार्मासिस्ट अखिलेश शर्मा ने 609 तरह की दवाएं वर्तमान में उपलब्ध होने की बात कही। साथ ही बीपी की दवा लंबे समय से उपलब्ध नहीं होने से रोगियों की परेशानी बताई। इसके बाद जननी सुरक्षा वार्ड, ऑपरेशन थिएटर में जानकारी लेकर मौजूद चिकित्साकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सहकारी दवा घर पर नहीं मिला संचालक, फोन पर लताड़ा
चिकित्सालय निरीक्षण के बाद एसडीएम चुंडावत चिकित्सालय परिसर में स्थित उपभोक्ता भंडार द्वारा संचालित सहकारी दवा घर पर पहुंचे। लेकिन वहां सहकारी दवा घर संचालक मनोज डूंगरवाल मौजूद नहीं था। इसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने दूरभाष पर एसडीएम से बात करवाई तो एसडीएम ने संचालक को लताड़ा और अगली बार अनुपस्थित मिलने पर कार्रवाई की बात कही।
इनका कहना है
कानोड़ पहुंचकर चिकित्सालय का निरीक्षण किया। जहां सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई थी। वहीं कुछ चिकित्सक व कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले। उनके खिलाफ रिपोर्ट बनाकर संबंधित विभाग को भेजी गई है। साथ ही रोगियों को चिकित्सालय में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली।
-पर्वत सिंह चुंडावत, उपखंड अधिकारी, भींडर