
शुभम कडेला/ मावली. जिले की मावली तहसील के सालेरा खुर्द गांव के युवा किसान मुकेश जाट नवाचार के बूते सफलता पा रहे हैं। उन्होंने 12 माह अमेरिकन मक्का की पैदावार लेकर क्षेत्र के किसानों के लिए उदाहरण पेश किया है। उन्होंने करीब तीन लाख रुपए की लागत से 20 बीघा खेत में अमेरिकन मक्का बुवाई की, जिससे उन्हें 12 लाख रुपए का मुनाफा हुआ है। वे बताते हैं कि इसकी खेती कम पानी में भी की जा सकती है।
तीन माह में फसल तैयार
मुकेश बताते हैं कि अमेरिकन मक्का की फसल तैयार होने में 90 से 100 दिन लगते हैं। इस फसल की खास देखभाल करनी पड़ती है। साधारणत: अगस्त-सितम्बर में बोई जाने वाली फसल नवम्बर-दिसम्बर तक तैयार हो जाती है, लेकिन मुकेश इस फसल का उत्पादन 12 माह कर रहे हैं।
मुकेश बताते हैं कि उनके दादा हीरालाल समेत परिवारजनों और दूसरे किसानों ने नुकसान के डर से उन्हें ऐसा करने से मना लिया, लेकिन सफलता मिलने से दूसरे किसान भी उनका अनुसरण कर रहे हैं।
3000 रु. किलो की दर से बीज मंगाया
अमेरिकन मक्का का बीज उन्होंने विदेश से मंगवाया, जिसकी कीमत 3000 रुपए प्रति किलो आई। शुरुआत में पानी की कमी से दिक्कतें हुईं, लेकिन पानी की बूंद-बूंद का उपयोग करने से उन्हें सफलता मिली और फसल लहलहाने लगी। अब वे मक्का की आपूर्ति उदयपुर , जयपुर आदि शहरों तक कर रहे हैं। अमेरिकन भुट्टा करीब 30 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रहा है।
READ MORE: सामान्य प्रसव पर भी करते हैं रैफरझाड़ोल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का मामला
झाड़ोल. उपखण्ड क्षेत्र का सबसे बड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है झाड़ोल, जहां स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से प्र्रसूताओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। प्रसव पीड़ा में भी प्रसूताओं को उदयपुर तक का सफर करना पड़ता है। ऐसे में कई बार रास्ते में ही प्रसव हो जाते हैं। बुधवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ।
नजदीकी गांव लीलावास निवासी लीला पत्नी विक्रम कालबेलिया को बुधवार सुबह 8 बजे प्रसव पीड़ा होने पर झाड़ोल सीएचसी लाया गया। चिकित्सक श्रवण कुमार मौजूद थे। प्रसूता को भर्ती कर लिया, लेकिन दो घंटे बाद ही प्र्रसूता को उदयपुर रैफर कर दिया। रैफर के दौरान 108 एबुलेन्स से आधा किलोमीटर दूर चलते ही प्रसव हो गया।