
उदयपुर. शहर के व्यस्त व्यापारिक क्षेत्रों में शामिल मुखर्जी चौक सब्जी मंडी और उसके आसपास के इलाके में आखिरकार लोगों को जाम और अव्यवस्था से राहत मिल गई है। लंबे समय से सड़क पर हो रहे व्यवसाय को हटाने के साथ ही पार्किंग व्यवस्था शुरू करने से लोगों को राहत मिलने लगी है। निगम की इस सख्ती के बाद मंडी क्षेत्र में यातायात सुचारू हो गया है। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि नगर निगम ने पार्किंग शुल्क भी न्यूनतम रखा है। चार पहिया वाहन के लिए 10 रुपए प्रति घंटा तथा दोपहिया के लिए 5 रुपए प्रति घंटा शुल्क तय किया गया है। पार्किंग संचालन और व्यवस्था की जिम्मेदारी निगम पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी को सौंपी गई है।
कारों की पार्किंग भी हुई आसान
मुखर्जी चौक का यह मार्ग काफी लंबा और चौड़ा है। सड़क के बीच में व्यवस्थित पार्किंग लाइन शुरू होने से अब दोपहिया वाहनों के साथ-साथ कारों को भी पार्क करने के लिए पर्याप्त जगह मिल रही है। वाहन चालक अब बिना किसी डर या परेशानी के अपनी गाड़ियां पार्क कर पा रहे हैं।
निगम ने हटाए थे फुटकर कारोबारी
मुखर्जी चौक सब्जी मंडी परिसर के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर फल व सब्जी विक्रेताओं के बैठने के लिए व्यवस्था होने के बावजूद कई व्यवसायी बाहर मुख्य सड़क पर ही दुकानें सजाकर बैठ रहे थे। इससे मंडी आने वाले ग्राहकों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही रात को विक्रेताओं की ओर से छोड़े गए कचरे से पूरी सड़कडंपिंग यार्ड जैसे लगती थी। इस अव्यवस्था को दूर करने के लिए नगर निगम ने गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाया। निगम टीम ने सड़क पर बैठकर व्यवसाय करने वाले लोगों को हटा दिया और मुख्य मार्ग को खाली कराया।
पर्यटकों पर भी पड़ेगा सकारात्मक असर
आयुक्त ने कहा कि उदयपुर की पुरानी बस्ती और पारंपरिक बाजार देखने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। यदि बाजार और यातायात व्यवस्थित रहेगा तो शहर की सकारात्मक छवि बनेगी। उन्होंने नागरिकों से निर्धारित पार्किंग का उपयोग करने और शहर को व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
पत्रिका इम्पैक्ट : लगातार उठाया मुद्दा, अब मिली व्यवस्था
राजस्थान पत्रिका ने मुखर्जी चौक, सिंधी बाजार और आसपास के क्षेत्रों में पार्किंग की कमी तथा सड़क पर खड़े वाहनों से उत्पन्न होने वाले जाम की समस्या को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया। 18 जनवरी के अंक में भी इस मुद्दे को विस्तार से उठाया गया था। इसके बाद निगम ने क्षेत्र में रात के समय पार्किंग की मार्किंग करवाई और अब स्थायी पार्किंग व्यवस्था शुरू कर दी है।