आयड़ नदी निखारने अब बन रहा सुभाषनगर में सैम्पल मॉडल, फिर बहेगा साफ पानी
मोहम्मद इलियास/उदयपुर
शहर के विकास कार्यो में हर तरफ अड़चन आने पर अब स्मार्ट सिटी के अधिकारी आयड़ के काम में सुभाषनगर कॉज-वे के पास से 200 मीटर तक सेम्पल मॉडल बनवा रहे है। मॉडल में वो सब कुछ दर्शाया होगा जो 5 किलोमीटर तक नदी मार्ग में बनेगा। इस मॉडल में कोई बदलाव, सुझाव, आपत्ति होगी तो उसमें दूर किया जाएगा ताकि पूरा काम को एक साथ स्पीड से तैयार किया जा सके और उसमें किसी तरह की अड़चन न आए। इसको लेकर सुभाषनगर क्षेत्र में आयड़ नदी को सदा साफ सुधरी करने का काम शुरू कर दिया गया।
आयड़ नदी में पहला 5 किलोमीटर का फेस पूलां से सेवाश्रम तक होगा जो नदी को नया लुक देगा। इसमें साफ पानी भी दिखेगा और किनारे पाथ-वे भी होगा।
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5 किलोमीटर तक यह सब कुछ
- आलू फैक्ट्री व एफसीआई गोदाम के निकट नदी में बनाए दो एसटीपी प्लान
- सीवरेज के गंदे पानी उपचारत होकर नदी के बीचोंबीच 18 फीट नाले में बहेगा
- आरयूआईडीपी द्वारा दो साइट में डाली गई सीवरेज लाइन के ऊपर बनेगा पाथ-वे
- स्लोब पर किनारों को कोरनेट व गेबिनवॉल से बांधा जाएगा
- पानी के आसपास वाले छोर पर आधा पक्का व आधा कच्चा होगा
- पक्के वाले स्थान पर बिजोलिया पत्थर व कच्चे पर देसी घास लगाई जाएगी
- स्मार्ट सिटी की देखरेख में होगा काम, आधा पैसा यूआईटी व आधा स्मार्ट सिटी खर्च करेगी
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बीचोंबीच बहेगा उपचारत साफ पानी
वर्तमान में मकानों, होटलों व रेस्टोरेंंट आदि का गंदा पानी सीधा आयड़ नदी में गिर रहा था। आरयूआईडीपी ने नदी के दोनों छोर पर सीवरेज लाइन डाल दी है। संबंधित एजेन्सी मकानों के गंदे पानी को सीधा सीवरेज से जोड़ रही है। यह गंदा पानी उपचारत होकर आयड़ नदी में बीचोंबीच बहेगा। इससे पानी में साफ रहेगा और नदी भी अलग से दिखेगी। आयड़ की यह नदी किसी जगह पर 100 फीट तो किसी जगह पर 150 फीट चौड़ी है।
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आयड़ नदी का सुभाषनगर क्षेत्र से काम शुरू कर दिया है। 200 मीटर एक एरिये में सेैम्पल बनाया जा रहा है, उस अनुसार आगे का काम तीव्र गति से बढ़ाया जा सकेगा।
प्रदीप सांगावत, एसीइओ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट लिमिटेड