जयसमंद से डूंगरपुर तक तेजी से हो रहा है काम
उदयपुर. खारवा चांदा से जयसमंद तक के 38 किलोमीटर के ट्रैक पर रविवार को इलेक्ट्रीक इंजन की स्पीड ट्रायल हुई। यह ट्रायल रेलवे और इलेक्ट्रीक काम करने वाली कंपनी के अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। जल्द ही इस लाइन का सीआरएस होगा और उदयपुर से जयसमंद तक 65 किलोमीटर के ट्रैक पर इलेक्ट्रीक इंजन दौड़ सकेगा।
जानकारी के अनुसार रविवार को रेल इंडिया टेक्निकल इकोनोमी सर्विसेज (राइट्स) और अजमेर मंडल के अधिकारियों ने स्पीड ट्रायल की। इसमें के वेंकटेश, रंजीत मेहता, अरविंद कुमार, वायवी राव, नरसिम्हा, विनोद कुमार, अरुण कुमार आदि मौजूद थे। अधिकारियों ने खारवा चांदा से जयसमंद तक के कार्य का बारीकी से निरक्षण करने किया। इसके बाद इस ट्रैक पर इलेक्ट्रीक इंजन जोड़कर तेज गति से चलाया गया। आज का परीक्षण पूर्णतया सफल रहा। ऐसे में जल्द ही इस ट्रैक का सीआरएस करवाया जाएगा।उल्लेखनीय है कि उदयपुर से खारवा चांदा तक करीब 25 किलोमीटर का सीआरएस पहले हो चुका है। खारवा चांदा से जयसमंद तक का सीआरएस होने के बाद उदयपुर से 65 किलाेमीटर के ट्रैक पर इलेक्ट्रीक इंजन चलाए जा सकेंगे।
जयसमंद से डूंगरपुर तक यह हो रहा है काम
जयसमंद से डूंगरपुर तक मास्ट (इलेक्ट्रीक पिलर) लग चुके हैं। इन पर कॉपर वायरिंग का काम अंतिम चरण में चल रहा है। ऐसे में आने वाले कुछ ही माह में उदयपुर से डूंगरपुर तक इलेक्ट्रीक इंजन चलाया जा सकेगा।