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अब भी फैक्ट्रियों के वेस्ट से मेली हो रही आयड़

आयड़ नदी को प्रदूषण मुक्त करने की मांग को लेकर मेवाड़ किसान संघर्ष समिति की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन को लेकर चेतावनी पत्र पिछले माह सरकार तक पहुंचा था। प्रशासन ने जवाब में मेवाड़ औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम की जानकार दी। आयड़ नदी की सफाई और स्लज (गाद) निस्तारण की कार्रवाई करना बताया। मेवाड़ किसान संघर्ष समिति के विष्णु पटेल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने स्वीकार किया है कि एक साल के दरमियान आयड़ नदी से 90.52 टन औद्योगिक गाद निकाला गया। यह स्वीकारोक्ति तब है, जब पिछले माह प्रभावित किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी थी।

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आंदोलन की चेतावनी पर पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की स्वीकारोक्ति, आयड़ से एक साल में निकाला गया 90.52 टन औद्योगिक गाद

उदयपुर. भले ही शहर के बीच आयड़ की सजावट कर दी जाए, भले ही सीवरेज के निस्तारण के दावे किए जाए, लेकिन इस स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता कि आयड़ नहीं अब भी फैक्ट्रियों से निकलने वाले वेस्ट से मेली हो रही है। इस बात का खुलासा हाल ही में हुआ है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने स्वीकार किया है कि एक साल के दरमियान आयड़ नदी से 90.52 टन औद्योगिक गाद निकाला गया। यह स्वीकारोक्ति तब है, जब पिछले माह प्रभावित किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। आंदोलन को टालने के लिए बोर्ड ने अपने प्रयासों के दस्तावेज पेश किए हैं। भले ही बोर्ड ने टनों औद्योगिक गाद का निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से कर दिया हो, लेकिन अब तक प्रशासनिक दावों के इतर हालात शहर को हैरान करने वाले हैं।

संघर्ष समिति को कार्रवाई की उम्मीद

आयड़ नदी को प्रदूषण मुक्त करने की मांग को लेकर मेवाड़ किसान संघर्ष समिति की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन को लेकर चेतावनी पत्र पिछले माह सरकार तक पहुंचा था। प्रशासन ने जवाब में मेवाड़ औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम की जानकार दी। आयड़ नदी की सफाई और स्लज (गाद) निस्तारण की कार्रवाई करना बताया। मेवाड़ किसान संघर्ष समिति के विष्णु पटेल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब तक बने हालात

- बताया गया कि मेवाड़ औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया गया। जांच में सामने आया कि कई फैक्ट्रियों की ओर से पूर्व में निकाला गया रासायनिक स्लज बरसात में बहकर पानी प्रदूषित कर रहा था।

- चिन्हित स्थलों से स्लज हटाकर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण का निर्णय लिया। प्रशासन अब तक कुल 90.52 टन स्लज एकत्रित कर गुड़ली स्थित राजस्थान वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के जरिये वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया जा चुका है।

जानें कब कब की गई कार्रवाई

- 26 जून 2025 को कानपुर क्षेत्र के पास स्थित नाले से 55 टन स्लज हटाया

- 01 जनवरी 2026 को एमआईए क्षेत्र के नालों की सफाई कर 3.20 टन स्लज हटाया

- 02 जनवरी 2026 को औद्योगिक इकाइयों के बीच से 10.2 टन स्लज हटाया गया

- 02 अप्रेल 2026 को पुनः कार्रवाई करते हुए 22.120 टन स्लज हटाया गया है

आगे क्या: सतर्कता दल गठित

प्रदूषण नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ाते हुए मेवाड़ औद्योगिक क्षेत्र की नियमित निगरानी के लिए एक सतर्कता दल भी गठित किया है। यह दल क्षेत्र में प्रदूषण की गतिविधियों पर नजर रखेगा और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। इसको लेकर आंदोलन करने वाली समिति ने भी राहत महसूस करते हुए कार्रवाई की उम्मीद की है।