
राजद कारीले में तेजस्वी यादव को माला पहनाते कार्यकर्ता
बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के विश्वास मत के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव शुक्रवार को RJD कार्यालय परिसर स्थित कर्पूरी सभागार पहुंचे। जहां राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर तेजस्वी यादव के सम्मान और अभिनंदन का एक समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर पार्टी की संगठनात्मक संरचना को मजबूत करना और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना था। कार्यक्रम के दौरान तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं के साथ कई महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
भीषण गर्मी के बावजूद सभागार में जुटी भीड़ को देखकर तेजस्वी यादव काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने इसे पार्टी के प्रति अटूट समर्पण बताया और कहा कि जब संगठन मजबूत होगा तभी पार्टी सत्ता की दहलीज तक पहुंचेगी। कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए उन्होंने कहा कि जिस दिन हमलोग गोलबंद होकर मजबूती से काम करेंगे, उस दिन हमारा भी समय आएगा। जनता हमारे साथ है।
समारोह के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने भारी-भरकम फूलों की मालाओं से तेजस्वी यादव का स्वागत किया। इसके बाद सभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि फूलों की मालाएं लाकर अपने पैसे बर्बाद न करें। आप इतनी चिलचिलाती गर्मी के बावजूद यहां आए हैं, यही बात अपने आप में मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। मालाओं पर पैसे खर्च करने के बजाय, यह बेहतर होगा कि आप सादगी से आकर मुझसे गले मिल लीजिए। तेजस्वी का यह बयान सुनते ही पूरा सभागार जोरदार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि फिजूलखर्ची से बचें और इसके बजाय अपना समय और संसाधन सीधे जनता की सेवा में लगाएं।
प्रशासनिक तंत्र को निशाने पर लेते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार में नौकरशाही आज चरम पर पहुंच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा को कमजोर किया जा रहा है। तेजस्वी ने बताया कि मौजूदा माहौल में विधायकों और मंत्रियों को भी उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर प्रशासन को पता चल जाए कि कोई व्यक्ति RJD से जुड़ा है, तो उनकी शिकायतों को और भी ज्यादा नजरअंदाज किया जाता है। ब्लॉक स्तर से लेकर सचिवालय तक भ्रष्टाचार और नौकरशाही की मनमानी का ही बोलबाला है।
तेजस्वी ने दावा किया कि पिछले चुनाव में राजद के जनाधार में 20 लाख वोटों की भारी बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन तंत्र-मंत्र और छल-कपट के जरिए पिछले दरवाजे से सरकार बनाई गई। तेजस्वी ने पांच साल के भीतर पांच बार सरकार बदलने की घटना को बिहार के विकास में एक बड़ी बाधा और राजनीतिक अस्थिरता का सबसे पुख्ता सबूत बताया।
तेजस्वी ने सभा को बताया कि उन्हें जल्द ही बंगाल के लिए रवाना होना है, इसलिए वे अपनी बात संक्षेप में ही रखेंगे। फिर भी, उस सीमित समय में भी उन्होंने पंचायत स्तर के चुने हुए प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे आने वाली राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार रहें और पार्टी के सांगठनिक विस्तार के लिए गांव-गांव जाकर काम करें।
Updated on:
24 Apr 2026 05:46 pm
Published on:
24 Apr 2026 05:43 pm
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