
IPS साक्षी कुमारी (फोटो- sakshi kumari instagram)
IPS Sakshi Kumari Promotion: कहा जाता है कि अगर किसी का इरादा पक्का हो और कुछ बड़ा करने का जुनून हो, तो रास्ते की हर मुश्किल आखिरकार हार मान ही लेती है। मूल रूप से बिहार के कैमूर जिले की रहने वाली IPS अधिकारी साक्षी कुमारी की कहानी इसका बेहतरीन उदाहरण है। साक्षी कुमारी ने अपने पिता से किए गए एक वादे को निभाने के लिए पूरे दस साल घर से दूर बिताए। साक्षी कुमारी को बिहार सरकार के गृह विभाग ने बड़ा प्रमोशन दिया है, जो कि एक जनवरी 2026 से ही लागू होगा।
गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के एक आधिकारिक आदेश के अनुसार 2022 बैच की IPS अधिकारी साक्षी कुमारी को 1 जनवरी 2026 से सीनियर टाइम स्केल में प्रमोट किया गया है। इस प्रमोशन के साथ उन्हें अब पे-स्ट्रक्चर में 'पे लेवल-11' (₹67,700 – ₹2,08,700) का फायदा मिलेगा। सरकार ने अपने आदेश में साफ किया है कि इस प्रमोशन से उनकी मौजूदा पोस्टिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वह खगड़िया जिले के गोगरी में असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (ASP) के तौर पर ही काम करती रहेंगी।
15 अगस्त 1995 को जन्मीं IPS साक्षी कुमारी बहुत साधारण माहौल में पली-बढ़ीं। वह कैमूर जिले के मोहनिया गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता उपेंद्र सिंह का हमेशा से सपना था कि उनकी बेटी सिविल सर्विस में जाए और देश व समाज का नाम रोशन करे। साक्षी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई मोहनिया के DAV स्कूल से पूरी की। साल 2011 में वह आगे की पढ़ाई के लिए बनारस के सनबीम स्कूल चली गईं।
इसी दौरान साक्षी ने अपने पिता के सपने को अपना लक्ष्य बना लिया। गांव छोड़ने से पहले उन्होंने अपने पिता से वादा किया था कि जब तक वह ज़िंदगी में कुछ बहुत बड़ा हासिल नहीं कर लेतीं, तब तक वह घर वापस नहीं लौटेंगी। इसी एक वादे पर अडिग रहते हुए, साक्षी पूरे दस साल तक अपने परिवार और घर के आराम से दूर रहीं।
वाराणसी में 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद, साक्षी लखनऊ चली गईं और रामस्वरूप कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। ग्रेजुएशन के तुरंत बाद उनमें देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षा UPSC को पास करने का जुनून जागा। घर लौटने के बजाय वह सीधे दिल्ली चली गईं और एक कमरे में रहकर पूरी तरह से तैयारी में जुट गईं।
दिल्ली का यह सफर साक्षी के लिए आसान नहीं था। उन्हें अपने पहले दो प्रयासों में असफलता का सामना करना पड़ा। जहां ज़्यादातर उम्मीदवार ऐसे समय में हिम्मत हार सकते थे, वहीं साक्षी को अपने पिता से किए गए वादे का हमेशा ध्यान रहा। उन्होंने हार नहीं मानी, बल्कि अपनी कमियों को सुधारा और नए जोश के साथ काम किया। आखिरकार, उनकी मेहनत रंग लाई और तीसरे प्रयास में उन्होंने UPSC 2021 परीक्षा में ऑल-इंडिया रैंक 330 हासिल की और IPS अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया।
उनके प्रमोशन की खबरों के बीच, वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए IPS साक्षी कुमारी द्वारा घोषित संपत्ति और देनदारियों का विवरण भी सामने आया है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, उनके पास काफी मात्रा में चल संपत्ति है। साक्षी कुमारी के पास 500 ग्राम सोना है जिसकी कीमत 75 लाख रुपये है और 1 किलोग्राम चांदी है जिसकी कीमत लगभग 3 लाख रुपये है।
साक्षी कुमारी के विभिन्न बैंक खातों में कुल 6,15,000 रुपये जमा हैं। वित्तीय समझदारी दिखाते हुए, उन्होंने बॉन्ड में 10,000, शेयरों में 26,000 और म्यूचुअल फंड में 2,65,000 रुपयों का निवेश भी किया है। उनके पास 1,06,177 रुपये की HDFC लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी है, जबकि उनके इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य घरेलू सामानों की कुल कीमत लगभग 8 लाख रुपये आंकी गई है। फिलहाल उनके पास कोई निजी वाहन नहीं है।
बिहार सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, कुल चार महिला भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों को वरीय समय वेतनमान (Level-11) में एक साथ प्रोन्नति दी गई है। इस सूची में खगड़िया के गोगरी में तैनात एएसपी साक्षी कुमारी के अलावा तीन और जांबाज महिला आईपीएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें 01 जनवरी 2026 के प्रभाव से यह बड़ा प्रमोशन मिला है। प्रोन्नत होने वाली इन अन्य महिला अधिकारियों में शैलजा, दिव्यांजली जायसवाल और गरिमा शामिल हैं।
Published on:
12 Jun 2026 07:45 pm
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