
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और मंत्री अशोक चौधरी
Bihar cyber crimeबिहार सरकार के दो मंत्रियों से जुड़े साइबर अपराध के दो अलग-अलग मामलों की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दोनों मामले साइबर अपराध से संबंधित हैं और इनमें उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव तथा मंत्री अशोक चौधरी शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को एक अनजान नंबर से धमकी भरा फोन कॉल आया था, जिसमें कॉलर ने उनके साथ अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया। वहीं, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी से जुड़ा मामला उनके सोशल मीडिया अकाउंट के एक्सेस से संबंधित है। इन दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच में जुट गई है।
डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव के निजी सचिव की शिकायत के आधार पर पटना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। FIR के अनुसार, डिप्टी सीएम के मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉलर ने दावा किया कि उनके नाम से एक पार्सल बुक किया गया है। जब यादव ने इस तरह का कोई पार्सल ऑर्डर करने से इनकार किया, तो कॉलर ने अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया।
बार-बार यह स्पष्ट करने के बावजूद कि उन्होंने कोई ऑर्डर नहीं दिया है, कॉलर लगातार बदतमीजी करता रहा। जब डिप्टी सीएम ने दोबारा कहा कि वे कोई डिलीवरी स्वीकार नहीं करेंगे, तो कॉलर ने कथित तौर पर उन्हें अपशब्द कहे और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इस घटना के बाद सुरक्षा और प्रशासनिक हलकों में चिंता बढ़ गई है।
साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि पुलिस संदिग्ध मोबाइल नंबर से जुड़ी तकनीकी जानकारी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कर रही है। इसके साथ ही सर्विलांस के जरिए आरोपी की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीएसपी ने आगे कहा कि आरोपी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
एक अन्य घटना में, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने पटना के साइबर पुलिस स्टेशन में अपने पूर्व निजी सहायक निशांत केतु झा के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि झा सोशल मीडिया अकाउंट का एक्सेस देने के बदले पैसे की मांग कर रहे हैं। हालांकि, निशांत केतु झा ने मंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मंत्री उन पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट का एक्सेस देने के लिए दबाव डाल रहे थे, जो उनके पर्सनल ईमेल अकाउंट से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा, “ऐसी स्थिति में मैं किसी अन्य व्यक्ति को अपने पर्सनल मेल अकाउंट का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दे सकता।” इस मामले पर साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि मंत्री के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। उन्होंने कहा, “सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।”
Updated on:
12 Jun 2026 10:44 pm
Published on:
12 Jun 2026 09:18 pm
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