Udaipur News : फतहसागर झील के बीच आकर्षण के केन्द्र नेहरू गार्डन पर नब्बे फीसदी काम पूरा हो चुका है। मुख्य रूप से बगीचे में पेड़ पौधे लगाने का काम बाकी है। करीब 7.47 करोड़ के इस कार्य में अब तक यहां हेरिटेज लुक के साथ 6.75 करोड़ के काम हो चुके हैं।
Udaipur News : फतहसागर झील के बीच आकर्षण के केन्द्र नेहरू गार्डन पर नब्बे फीसदी काम पूरा हो चुका है। मुख्य रूप से बगीचे में पेड़ पौधे लगाने का काम बाकी है। करीब 7.47 करोड़ के इस कार्य में अब तक यहां हेरिटेज लुक के साथ 6.75 करोड़ के काम हो चुके हैं। म्यूजिकल फाउंटेन व लेजर शो का काम चल रहा है। यूडीए अधिकारी फरवरी तक इस काम के पूरा होने की उम्मीद जता रहे हैं। फतहसागर झील यूडीए के पास होने के बावजूद पूर्व में नेहरू गार्डन का स्वामित्व नगर निगम के पास था तथा दूधतलाई पर दीनदयाल पार्क निगम के पास था। दोनों विभाग एक दूसरे को यह गार्डन बदलना चाहते थे, इस प्रक्रिया में लम्बा समय बीतने पर दोनों ही गार्डन खराब हो गए। नेहरू गार्डन पर तो ताले लटक गए। राजस्थान पत्रिका में इस खबर के प्रकाशन के बाद जिला कलक्टर ने दोनों विभागों से वार्ता व सहमति के बाद दोनों विभाग ने एक दूसरे को गार्डन सौंपे। नेहरू गार्डन यूडीए के पास आने के बाद उसे हेरिटेज लुक देने व अन्य कामों के लिए यूडीए ने उसका 7.47 करोड़ का टेंडर किया। कार्य के प्रारंभ में गार्डन की चारों तरफ दीवारों को ग्राउंटिंग कर मजबूती दी गई। उसके बाद पूरे गार्डन का रिनोवेशन किया गया। वहां समस्त सिविल कार्य करवाए गए। अभी यह काम अंतिम चरण में चल रहा है।
लाइट एंड साउंड शो भी होगा
यूडीए ने इस गार्डन को निखारने के लिए हेरिटेज लुक दिया। सिविल काम के साथ इलेक्ट्रिक व गार्डनिंग का काम चल रहा है। लाइट एंड साउंड शो पर भी काम चल रहा है। इसके अलावा विशेषज्ञों की राय लेकर गार्डन को नया लुक दिया जा रहा है। ताकि यहां पर्यटक गार्डन में आए और समय बिताए।
4.5 एकड़ में फैला है गार्डन
नेहरू गार्डन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहरलाल नेहरू के नाम पर है। इसे जनता के लिए 14 नवम्बर 1967 को उनकी जयंती पर ही खोला गया था। पानी के बीच खूबसूरत यह उद्यान 4.5 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इस पार्क में एक पोखर, फूल का बगीचा और कई फव्वारे थे, लेकिन विभागों के बीच फंसकर यह बाग उजड़ गया था, जिसे फिर से संवारा जा रहा है।