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सिस्टम ‘लापता’… गुमशुदगी के मामलों में उदयपुर टॉप पर, NCRB 2024 रिपोर्ट में खुलासा

NCRB 2024 Report: राजस्थान में साल 2024 के दौरान लापता लोगों के मामलों ने पुलिस और समाज दोनों की चिंता बढ़ा दी है। जिलेवार आंकड़ों में उदयपुर सबसे संवेदनशील जिला बनकर सामने आया है, जहां एक साल में 1,879 लोग लापता हुए। इनमें 1,338 महिलाएं और युवतियां शामिल हैं।

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उदयपुर

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Anand Prakash Yadav

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पंकज वैष्णव

May 16, 2026

Missing persons Rajasthan

राजस्थान में लापता लोगों के आंकड़े चौंकाने वाले, टॉप-10 जिलों में उदयपुर सबसे ऊपर-फोटो एआइ

NCRB 2024 Report: राजस्थान में लापता होने वालों में हर चार में से 3 महिलाएं होती हैं। उदयपुर, भीलवाड़ा और पाली जिलों में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है। उदयपुर में एक साल में 1879 लोग लापता हुए, जिसमें 1338 महिलाएं और युवतियां हैं। यह स्थिति हाल में जारी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की साल 2024 की रिपोर्ट में सामने आई है।

प्रदेश में साल 2024 के दौरान लापता लोगों के मामलों ने पुलिस और समाज दोनों की चिंता बढ़ा दी है। जिलेवार आंकड़ों में उदयपुर सबसे संवेदनशील जिला बनकर सामने आया है, जहां एक साल में 1,879 लोग लापता हुए। इनमें 1,338 महिलाएं और युवतियां शामिल हैं। एनसीआरबी आधारित जिला स्तरीय आंकड़ों के अनुसार चौंकाने वाली बात यह है कि महिलाओं और किशोरियों के गायब होने के मामले पुरुषों की तुलना में तीन गुना से ज्यादा हैं। प्रदेश में महिलाओं के लगातार बढ़ते लापता मामलों ने कानून-व्यवस्था के साथ सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उदयपुर बना सबसे संवेदनशील जिला

उदयपुर में 2024 के दौरान कुल 1,879 लोग लापता दर्ज किए गए। इनमें 1,338 महिलाएं और युवतियां हैं। यह संख्या पूरे राजस्थान में सबसे ज्यादा है। जिले में 458 नाबालिग भी लापता हुए। आदिवासी बेल्ट, पलायन और सोशल मीडिया प्रभाव को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।

प्रमुख वजह, जो आती है सामने

  • गुमशुदा के कई मामलों में घर छोड़कर जाने, विवाह, पारिवारिक विवाद और नौकरी के लिए पलायन जैसी परिस्थितियां सामने आती हैं।
  • सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, ऑनलाइन संपर्क, पारिवारिक तनाव, बाल विवाह से जुड़े विवाद, रोजगार, प्रेम प्रसंग जैसे कारण वजह है।
  • कड़ों के मुताबिक यह सामाजिक बदलाव, साइबर प्रभाव, मानव तस्करी, पारिवारिक विवाद और किशोरियों की असुरक्षा से जुड़ी स्थिति है।

बच्चे और किशोर उम्र ज्यादा गुमराह

उदयपुर में बच्चों और किशोरियों के मामलों ने भी पुलिस की चिंता बढ़ाई है। जिले में 18 वर्ष से कम आयु के 458 बच्चे और किशोर-किशोरियां लापता हुए। इनमें बड़ी संख्या किशोरियों की रही।

आंकड़ों से स्पष्ट है कि ग्रामीण व आदिवासी जिलों में महिलाओं के लापता होने की संख्या ज्यादा है। उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ जिलों में यह ट्रेंड साफ दिखता है।

लापता के केस में टॉप-10 जिले

क्रमजिलापुरुषमहिलाकुल
1उदयपुर54113381879
2भीलवाड़ा31813191637
3पाली23111671398
4चित्तौड़गढ़18711571344
5कोटा शहर3889231311
6अजमेर2589911249
7जयपुर पश्चिम4297631192
8हनुमानगढ़2958921187
9गंगानगर2718471118
10राजसमंद1619431104

इनका कहना है…

केवल पुलिस कार्रवाई से समस्या का समाधान संभव नहीं है। परिवार, स्कूल, पंचायत, महिला एवं बाल विकास विभाग और साइबर मॉनिटरिंग एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा। किशोरियों की काउंसलिंग, स्कूल स्तर पर जागरूकता, साइबर सुरक्षा शिक्षा और संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी अभियान जरूरी है।
ध्रुव कुमार कविया, सदस्य, राज्य बाल आयोग