उदयपुर शहर के बीच में रेलवे प्रबंधन ने सिटी रेलवे स्टेशन की बड़ी जमीन को लीज पर देने की तैयारी कर ली है।
उदयपुर। शहर के बीच में रेलवे प्रबंधन ने सिटी रेलवे स्टेशन की बड़ी जमीन को लीज पर देने की तैयारी कर ली है। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) की देखरेख में 99 साल के लिए लीज पर दी जाने वाली इस जमीन पर व्यावसायिक और आवासीय भवन तैयार होंगे।
जानकारी के अनुसार रेलवे ने सेंट्रल जेल के सामने और पुलिस लाइन की सड़क के दूसरे छोर पर मौजूद भूमि के लिए निविदा आमंत्रित की हैं। इसमें बताया गया है 19,588.47 वर्ग मीटर भूमि को 99 साल के लिए पट्टे पर दिए जाने का प्रस्ताव है। इसकी अनुमानित कीमत 136.66 करोड़ रुपए रखी है। इसके अलावा इस भूमि पर बने आरपीएफ बैरक का 78 लाख की लागत से पुनर्निर्माण निविदा लेने वाले को करवाना होगा। ऑनलाइन ई-बिड जमा की अंतिम तिथि 26 फरवरी निर्धारित की है।
प्रस्तावित परियोजना की कुल भूमि लगभग 19,588.47 वर्ग मीटर है। यह स्थल प्रस्तावित 45 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान सड़क से जुड़ा हुआ है, जिससे भविष्य में आवागमन एवं कनेक्टिविटी और अधिक सुदृढ़ होगी। यह क्षेत्र बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पुलिस लाइन एवं अन्य प्रमुख शासकीय संस्थानों के समीप स्थित है।
इस परियोजना में 70% भाग का आवासीय उपयोग और 30% भाग का वाणिज्यिक उपयोग किया जाएगा। परियोजना को नगर नियोजन नियमों एवं जोनल प्लान 2031 के अनुसार विकसित किया जाएगा।
परियोजना के अंतर्गत डेवलपर द्वारा कुछ काम करवाने होंगे। इसमें वर्तमान में बने हुए आरपीएफ बैरक को तोड़कर रेलवे की भूमि पर 310 वर्ग मीटर क्षेत्र में दो मंजिला भवन बनवाना होगा। इसमें आवासीय सुविधा, विद्युत, जल एवं सीवरेज व्यवस्था सहित तैयार करवाना होगा। रेलवे यार्ड को सुरक्षित और अलग रखने के लिए इसकी सीमा से सटी करीब 463 मीटर की बाउंड्रीवॉल का निर्माण करना होगा। यहां वर्तमान में निर्मित संरचनाओं का ध्वस्तीकरण एवं स्थानांतरण, लॉन्ड्री एवं अन्य अस्थायी संरचनाओं का पुनर्विकास, स्क्रैप निस्तारण की जिम्मेदारी डेवलपर की होगी।
-पर्याप्त क्षमता की जलापूर्ति व्यवस्था
-सीवरेज एवं ड्रेनेज सिस्टम
-आंतरिक एवं बाह्य विद्युत आपूर्ति व्यवस्था- सड़क, पार्किंग, पाथवे एवं हरित क्षेत्र
-परियोजना चरणबद्ध क्रियान्वयन