उदयपुर

उदयपुर : पुलिस की दोहरी मार… पर्यटक से मौके पर वसूली, वहीं रेंटल बाइक का ई-चालान

उदयपुर में रेंटल बाइक कारोबारियों ने आरोप लगाया है कि पर्यटकों से मौके पर नकद वसूली के बावजूद उन्हीं वाहनों पर ई-चालान भी जारी हो रहे हैं। इससे बाइक मालिकों को दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है और पर्यटन छवि पर असर पड़ रहा है।
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Jul 23, 2026
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उदयपुर. पर्यटन नगरी उदयपुर में रेंटल बाइक का कारोबार तेजी से बढ़ा है, लेकिन अब यही कारोबार विवादों में घिर रहा है। आरोप है कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर कुछ पुलिसकर्मी पर्यटक से मौके पर 500 से 1000 रुपए तक वसूल रहे हैं और इसके बावजूद उसी वाहन का ऑनलाइन चालान भी काट दिया जाता है। इसका खमियाजा रेंटल बाइक संचालकों को भुगतना पड़ रहा है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

उदयपुर आने वाले कई पर्यटक शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों की सैर के लिए किराए पर टू-व्हीलर लेना पसंद करते हैं। शहर में कई रेंटल बाइक सेंटर संचालित हैं, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में टू-व्हीलर किराए पर दी जाती है। दूसरी ओर शहर में यातायात नियमों के पालन को लेकर ई-चालान प्रणाली और डिजिटल निगरानी भी सख्ती से लागू है। इसी व्यवस्था के बीच रेंटल बाइक कारोबारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कहते हैं कि हाल के दिनों में कई मामलों में यातायात नियमों के उल्लंघन पर पर्यटक से मौके पर ही नकद राशि लेकर छोड़ दिया गया, लेकिन बाद में उसी वाहन का ऑनलाइन चालान भी जनरेट हो गया। वाहन मालिक को इसकी जानकारी तब मिलती है, जब उसके मोबाइल पर ई-चालान का मैसेज पहुंचता है।

फिर मार बाइक मालिक पर

बाइक किराए पर देने के बाद संचालन पर्यटक के हाथ में होता है। यदि नियम उल्लंघन होता है तो कार्रवाई की जिम्मेदारी स्पष्ट होनी चाहिए। लेकिन, पर्यटक से मौके पर राशि लेने के बाद भी ई-चालान वाहन मालिक के नाम जारी होना उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है। कई बार पर्यटक अपने शहर लौट चुके होते हैं, ऐसे में चालान की राशि बाइक संचालक को ही भरनी पड़ती है।

सवाल, जो आहत करते हैं

- यदि किसी उल्लंघन पर मौके पर वैधानिक कार्रवाई की जाती है तो उसी मामले में दोबारा डिजिटल चालान जारी होना अनुचित है। ऐसी घटनाएं आर्थिक नुकसान ही नहीं, उदयपुर पर्यटन नगरी की छवि को भी प्रभावित कर रही हैं।

- सवाल ये है कि यदि मौके पर वैधानिक चालान या जुर्माना वसूला गया है तो उसी उल्लंघन पर दोबारा ई-चालान क्यों जारी हो रहा है। साथ ही ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे वाहन मालिकों को बेवजह आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़े।

किसने क्या कहा

- नाम नहीं छापने की शर्त पर बाइक रेंट संचालक ने बताया कि मोबाइल पर मैसेज आने पर पता चलता है कि बाइक पर ई-चालान हुआ है। पर्यटक जा चुका होता है और भुगतान हमें करना पड़ता है, जिससे नुकसान है।

- नाम नहीं छापने की शर्त पर बाइक रेंट संचालक ने बताया कि पर्यटक से मौके पर वसूली और बाद में ई-चालान आने की शिकायतें बढ़ रही है। ऐसी व्यवस्था पर रोक लगनी चाहिए और जवाबदेही तय होनी चाहिए।

- अहमदाबाद से आए पर्यटक रवि बी. गोंडलिया ने बताया कि दोस्त के साथ उदयपुर घूमने आया था। नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन यदि मौके पर कार्रवाई हो चुकी है तो दोबारा चालान की बात समझ से परे है।

- कोटा की छात्रा प्रिया शर्मा ने बताया कि रेंटल बाइक पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधा है। यदि ऐसी शिकायतें बढ़ेंगी तो लोग बाइक लेने से बचेंगे। पारदर्शी व्यवस्था पर्यटन शहर की साख बनाए रखने के लिए जरूरी है।

Updated on:
23 Jul 2026 05:51 pm
Published on:
23 Jul 2026 05:51 pm