उदयपुर

उदयपुर में यहां दो निकायों के बीच उलझी 6 दुकानें और खमियाजा भुगत रहे व्यवसायी, कुछ दिनों पहले ही बनी हैं ये दुकानें

उदयपुर रोडवेज आगार के बस स्टैंड परिसर में गत दिनों बनाई गई छह दुकानों का मामला उलझता नजर आ रहा है।

3 min read
Feb 10, 2018

धीरेन्द्र जोशी/ उदयपुर . उदयपुर रोडवेज आगार के बस स्टैंड परिसर में गत दिनों बनाई गई छह दुकानों का मामला उलझता नजर आ रहा है। एक ओर रोडवेज इसे वैध करार दे रहा है, वहीं नगर निगम ने इन दुकानों को बिना अनुमति बनाने की बात कहते हुए अवैध बताया। दोनों ही निकायों के बीच टेंडर द्वारा दुकाने लेने वाले व्यवसायी अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। क्योंकि दुकानों के निर्माण में न तो नगर निगम का और न ही रोडवेज का किसी प्रकार का व्यय हुआ है।

जानकारी के अनुसार गत 25 अक्टूबर, 2017 को रोडवेज बस स्टैंड परिसर के पीछे नई निकाली गई 60 फीट रोड की ओर छह दुकानों की भूमि के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई। प्रक्रियानुसार निविदाएं खोली गई और छह व्यवसायियों को आठ गुणा आठ की जमीन उपलब्ध करवा दी गई। जगह आवंटित होने के साथ ही दुकानदारों ने खाली भूखंड पर व्यवस्थित दुकानें बनाना शुरू कर दिया। इस संबंध में नगर निगम ने 18 जनवरी, 2018 को रोडवेज को एक पत्र जारी करते हुए आपत्ति जताते हुए इस कार्य को बिना अनुमति के होना बताया गया और इसे नियमानुसार गलत मानते हुए इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया। नियत तिथि 23 जनवरी को रोडवेज प्रबंधन ने नगर निगम को इसका स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि यूआईटी द्वारा निकाली गई 60 फीट रोड पर ठेले वाले और अन्य व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा था। इससे मार्ग संकड़ा हो रहा था और यहां से निकलने वाली बसों को भी परेशानी हो रही थी।

इसके साथ ही बस स्टैंड के सौंदर्यकरण पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा था। ऐसे में निगम परिसर में दुकानों के लिए लाइसेंस जारी किए गए। इसके बाद 29 जनवरी को नगर निगम में पुन: सूचना पत्र जारी कर 31 जनवरी तक स्पष्टीकरण मांगा। इस संबंध में रोडवेज ने पुन: स्पष्टीकरण समय पर प्रस्तुत किया। दोनों ही सूचना पत्रों में 24 घंटे में बिना स्वीकृति किए गए निर्माण कार्य को हटाने को कहा गया।

व्यवसायियों ने लिया कर्ज: रोडवेज प्रबंधन की ओर से वर्षों से अपनी आय के संसाधन बढ़ाने के लिए बस स्टैंड परिसर में दुकानों के लिए जगह का आवंटन किया जा रहा है। नई दुकानों को लेने वाले व्यवसायियों ने भी इसी भरोसे में दुकानों का निर्माण करवा लिया। कुछ दुकानदार तो व्यवसाय करने के लिए राशि उधार लेकर आए हैं। ऐसे में इनकी चिंता बढ़ गई है।

व्यवसायियों ने बनवाई बाउंड्रीवाल
व्यवसायियों को नोटिस मिलने के बाद रोडवेज परिसर में बनी दुकानों के रोड वाले हिस्से पर उन्होंने पुन: बाउंड्रीवाल बना दी। इसके साथ ही व्यवसायियों ने दुकानों पर व्यवसाय भी बंद कर दिया है। इस सब कार्यवाही में व्यवसायी समझ नहीं पा रहे कि उन्हें क्या करना चाहिए।

सडक़ पर नहीं तो कहां खुले शटर
छह दुकानों में से दो दुकानें बस स्टैंड परिसर में निर्मित सुलभ कॉम्पलेक्स से सटी हुई है। ऐसे में इन दुकानों के शटर किसी भी हाल में रोडवेज परिसर में नहीं खुल सकते। ऐसे में इन अगर निकट भविष्य में रोडवेज परिसर में शटर खोलने पर सहमति बनती है तो ये व्यवसायी कहां जाएंगे।

लाइसेंस किए निलंबित
रोडवेज प्रबंधन की ओर से गत 5 फरवरी को व्यवसायियों को नोटिस जारी कर कहा गया कि बस स्टैंड परिसर में आठ गुणा आठ का स्थान व्यवसाय के लिए आवंटित किया गया है। उक्त स्थल पर आप द्वारा निगम की बाउंड्रीवाल तोडकऱ निर्माण करा लिया गया है। ऐसे में नगर निगम द्वारा इस निर्माण कार्य को हटाए जाने के लिए कार्यालय को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में हटाई गई बाउंड्रीवाल को पुन: बनाने के साथ आगामी आदेश तक व्यवसाय नहीं करने की हिदायत दी गई।

मुख्यालय से मांगा मार्गदर्शन
रोडवेज की निर्धारित नीति के अनुसार लाइसेंस दिए जाते हैं। नगर निगम की आपत्ति के बाद नई दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए हैं, सडक़ की ओर बाउंड्रीवाल बनवा दी है। रोडवेज के जयपुर मुख्यालय को मामले से अवगत कराते हुए मार्गदर्शन मांगा गया है।
- महेश उपाध्याय, मुख्य प्रबंधक उदयपुर आगार।


दुकानें बनाने के लिए नगर निगम से नियमानुसार स्वीकृति तो लेनी होती है, रोडवेज प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया तो हमने उनसे जवाब मांगा और उनको दुकानें अपने स्तर पर हटाने को कहा है।
-सिद्धार्थ सिहाग, आयुक्त नगर निगम

ये भी पढ़ें

ये हैं आज की खास खबरें, देखिए फटाफट वीडियो
Published on:
10 Feb 2018 03:04 pm
Also Read
View All