भारतीय नौसेना में 'बादल' को मिला कमांडर का कमीशन, झाड़ोल के रहने वाले बादल 14 सालों की सेवा में अब तक कई, वर्तमान में मुंबई में हैं तैनात
मेवाड़ की एक बेटी अगर सियाचिन जैसे सबसे दुर्गम इलाके में देश की रक्षा कर रही है तो उदयपुर के ही एक छोटे से गांव झाड़ोल का बेटा बादल सोनी भारतीय नौसेना में बतौर कमांडर देश की सेवा में तैनात है। हाल ही बादल को कमांडर का कमीशन मिला है। 5 जनवरी, 2009 से भारतीय नौसेना में अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए 14 वर्षों में कमांडर बादल सोनी कई जंगी जहाजों पर तैनात रहे। कमांडर बादल सोनी ने आईएनएस तलवार, आईएनएस मैसूर, आईएनएस काकीनाडा शिप में अधिकारी के रूप में सेवाएं देते हुए देश की जल सीमाओं की रक्षा की है।
सीबीआरएन प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट हैं बादल
कमांडर बादल सोनी ने बताया कि उन्हें भारत के दोनों लड़ाकू विमान युद्धपोत आईएनएस विराट और आईएनएस विक्रमादित्य पर भी सेवाएं देने का अवसर मिला। कमांडर बादल सोनी सीबीआरएन प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट हैं जो जंगी जहाजों पर होने वाले न्यूक्लियर बायोलॉजिकल केमिकल और रेडियोलॉजिकल अटैक होने की स्थिति में जहाज व उस पर कार्यरत सभी कर्मचारियों की सुरक्षा का कार्य करते हैं। उनके सेवाकाल में ऐसे कई क्षण आए जब उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर कई लोगों की जान बचाई है।
सबसे खुशी का क्षण जब माता-पिता ने लगाए कंधों पर सितारे
कमांडर बादल सोनी बताते हैं कि उनके लिए सबसे खुशी का क्षण वह था जब उनकी माता अंजना देवी और पिता नंदलाल सोनी ने उनके कंधों पर सितारे लगाए थे। कमांडर बादल का विवाह नागपुर की प्रियंका सोनी से 2014 में हुआ था। प्रियंका एक एथिकल हैकर हैं वर्तमान में टीसीएस कंपनी में बतौर सिस्टम एनालिस्ट कार्यरत है। कमांडर बादल मेवाड़ के सुदूर ग्रामीण आंचल से भारतीय नौसेना में कमांडर बनने वाले पहले शख्स हैं।