
राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया (फोटो- पत्रिका)
उदयपुर: भाजपा में गुटबाजी के चलते अपने खिलाफ मुहिम छेड़ने वालों पर पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया सोमवार को मुखर हुए। कटारिया ने चंडीगढ़ में किए कामों का लेखाजोखा पेश करते हुए कहा कि 'मैं जब से चंड़ीगढ़ गया हूं, तब से अब तक क्या किया, इसकी किताब दे रहा हूं, मुझ पर सवाल उठाने वालों को ये दे देना, मेरा मूल्याकंन तो जनता करेगी।
वे उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र शासकीय मंडल की एक होटल में आयोजित बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। बीते एक माह से राज्यपाल कटारिया के खिलाफ तीन मामले आए। विरोधियों ने सार्वजनिक पोस्ट वायरल कर उनके शहर विधायक रहने के दौरान की गतिविधियों की ओर ध्यान खींचा।
इसके बाद मावली से भाजपा के पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी के नाम से बने एक फेसबुक अकाउंट पर कटारिया विरोधी 10 साल पुराना वीडियो लगाया गया। इसके बाद पूर्व विधायक के करीबी भाजपा नेता डॉ. विजय प्रकाश विप्लवी ने राष्ट्रपति के नाम चिट्ठी लिख राज्यपाल कटारिया के बार-बार उदयपुर आने और यहां यहां की राजनीति में दखल करने की शिकायत की।
पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी का बिना नाम लिए कटारिया ने पलटवार कर कहा कि वो महज एक बार चुनाव लड़कर विधानसभा क्षेत्र छोड़कर आ गए। हम जब जन सेवा करते हैं, तो जनता के बीच खड़े रहने का दम रखते हैं। इनका दर्द कुछ अलग है, बता कुछ अलग रहे हैं। इस रोग का कोई इलाज नहीं है, समय अच्छे-अच्छे का इलाज कर देता है। मुझ पर सवाल उठाने वाले विद्वान हैं। उनको वर्षों ज्ञान है।
कटारिया ने कहा कि वे (विरोधी गुट) पूछते हैं कि कटारिया बार-बार उदयपुर आ जाते हैं। मैं तीन माह का कार्यक्रम दिखा देता हूं। मैं कितना प्रवास चडीगढ़ में करता हूं, आमजन से मिलता हूं, उनके काम करता हूं। पंजाब की डायरेक्टरी उठाकर अंदाज से 20 लोगों को कॉल कर लेना। वहां का बच्चा-बच्चा मुझे पहचानता है। जबकि, लोग 5-5 साल राज्यपाल रह जाते हैं, लेकिन लोगों को याद नहीं रहते।
कटारिया ने कहा कि मुझे 50 साल तक जनता ने इस क्षेत्र में जिंदा रखा। न मेरे पास कोई प्रॉपर्टी है और न बड़े घर में पैदा हुआ। मुझ पर कोई दाग नहीं लगा सका। पार्टी ने देलवाड़ा से उठाकर मुझे राज्यपाल तक भेजा। जनता के प्रति प्यार में कमी नहीं आएगी। पद पर तो साल-दो साल रहूंगा, लेकिन इसके बाद उदयपुर में ही रहकर सेवा करूंगा।
उदयपुर भाजपा की वर्तमान स्थिति पर किएसवाल पर कटारिया ने कहा कि इस बारे में बोलना मेरे अधिकार में नहीं। मैं मैं जिस संवैधानिक पद पर हूं, उसमें पार्टी की एक लाइन भी अलग दिखे तो बताना। जैसा पार्टी ने तैयार किया, वैसा ही काम किया। मैं यहां से 11 बार चुनाव लड़ा, 9 बार जीता। उदयपुर के पदाधिकारियों से जुड़े सवाल पर कहा कि सब अच्छे हैं, तब ही उन्हें बनाया होगा। घटनाक्रमों से मुझे पीड़ा नहीं होती।
पूर्व विधायक और उनके सहयोगी की गतिविधियों पर कहा कि मैं किसी की तौहीन नहीं करना चाहता। मैंने उनकी गतिविधियों को कभी गंभीरता से नहीं लिया। मैं किसी का विरोध नहीं करता पर तकलीफ क्या है, वे बताएं। कमी होगी तो सुधार करेंगे। चुनाव में हार-जीत होती रहती है। मैदान छोड देना शोभा नहीं देता। मैं भी इंदिरा गांधी के जमाने में 1100 वोटों से हारा।
Updated on:
07 Apr 2026 11:09 am
Published on:
07 Apr 2026 11:09 am
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