उदयपुर. शहर से सटी सौभागपुरा पंचायत की उच्च शिक्षित सरपंच कविता जोशी महिला जन प्रतिनिधियों के लिए आदर्श बन गई है।
उदयपुर . कई महिला सरपंचों के पंचायत संबंधी कार्य तक उनके पति एवं पार्टी पदाधिकारी संभालते हैं, लेकिन शहर से सटी सौभागपुरा पंचायत की उच्च शिक्षित सरपंच कविता जोशी महिला जन प्रतिनिधियों के लिए आदर्श बन गई है। वे पंचायत क्षेत्र की निरक्षर महिलाओं और ड्रॉप आउट बालिकाओं को पंचायत भवन में रोज 2 घंटे पढ़ाती है। सरपंच से पढऩे वाली 20 ड्रॉप आउट छात्राएं और महिलाएं राजस्थान ओपन बोर्ड से दसवीं की परीक्षाएं देंगी।
सरपंच ने घर-घर जाकर इन छात्राओं और महिलाओं को चिह्नित किया था। फिर इनको पुन: शिक्षा से जुडऩे के लिए प्रेरित किया। पंचायत भवन में शिक्षण सामग्री लाकर इनको पढऩा शुरू किया। शुरुआत में 10 से 15 महिलाएं ही पढऩे के लिए आती थी, लेकिन अब यह संख्या 50 तक पहुंच गई है।
समझाइश के लिए मशक्कत
इंजीनियरिंग कर चुकी कविता की कक्षा में कई छात्राएं ऐसी भी हैं, जिनके परिजन उनको पढऩे नहीं देना चाहते थे। इनको शिक्षा से जोडऩे के लिए सरपंच को अभिभावकों को समझाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कोई छात्रा क्लास में आना बंद कर देती है तो कविता उसके घर पहुंच जाती हैं। अगले सत्र में पंचायत की सभी ड्रॉप आउट छात्राओं को ओपन बोर्ड के जरिए शिक्षा से जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है। गांव की महिलाओं के उत्थान के लिए किए गए विशेष प्रयासों पर सरपंच कविता एमटीवी के शो एंजल्स ऑफ रॉक में भी स्थान प्राप्त कर चुकी है।
शिक्षा ही कर सकती है मजबूत
शिक्षा ही एकमात्र ऐसा साधन है जो कि महिलाओं को सशक्त बना सकता है। शिक्षित महिला ही अपने अधिकारों के लिए लड़ सकती है। शिक्षा प्रत्येक बालिका का अधिकार है।
कविता जोशी, सरपंच सौभागपुरा, सरपंच सौभागपुरा
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