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उदयपुर-नाथद्वारा मार्ग पर बस के हुए ब्रेक फेल, चालक की सूझबूझ से बची 32 यात्रियों की जान

-कच्चे मार्ग पर बस को उतारी, गड्ढे में जाकर पहाड़ी से टकराई, स्टेयरिंग पर नियंत्रण रखते हुए चालक ने दिखाई सूझबूझ

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उदयपुर . उदयपुर-नाथद्वारा मार्ग पर अनंता हॉस्पिटल के निकट सोमवार रात वीडियो कोच बस के ब्रेक फेल होने के बाद चालक ने सूझबूझ से स्टेयरिंग पर नियंत्रण रखते हुए उसे गहरे गड्ढे में उतारकर 32 यात्रियों की जान बचाई। हादसे के बाद यात्रियों ने भगवान के साथ ही चालक का भी शुक्रिया अदा किया। सुबह जिस किसी ने बस की हालत देखी वह चालक की तारीफ किए बिना नहीं रह सका।

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जैन ट्रैवल्स गुडि़या की बस को सोमवार को जोधपुर निवासी चालक रंजीत सिंह दाहोद (गुजरात) से 32 यात्रियों को लेकर जोधपुर जा रहा था। उदयपुर से भी सवारियां लेकर वह रात करीब 11 बजे नाथद्वारा मार्ग पर अनंता हॉस्पिटल के निकट पहुंचा तभी अचानक साफ्ट टूटने के साथ ही पाइप फट गया और ब्रेक फेल हो गए। अति-व्यस्त हाई-वे पर वाहनों की आवाजाही के बीच चालक ने स्टेयरिंग पर नियंत्रण रखा। बिना घबराए उसने बस को गांव की तरफ जाने वाले मार्ग पर घूमा दी। यात्री कुछ समझ पाते, उससे पहले बस एक गहरे खड्डे में जाकर पहाड़ी से टकरा गई। चालक के स्टेयरिंग पर नियंत्रण व सूझबूझ के कारण बस पलटी खाने से बच गई। इससे कोई यात्री हताहत नहीं हुआ। हादसे के बाद चालक ने ट्रैवल्स मालिक को सूचना दी। संचालक रफीक छीपा व अन्य लोग मौके पर पहुंचे। चालक ने सभी यात्रियों को अन्य बस से जोधपुर रवाना किया। इधर, मंगलवार सुबह क्रेन की सहायता से बस को निकाला
गया, इस दौरान मौके पर भीड़ जमा हो गई।

सभी यात्री बचे, यही बड़ी खुशी
चालक रणजीत ने बताया कि चलती बस में अचानक साफ्ट टूटने के साथ ही नीचे गिरते ही जोर से आवाज आई। उसके बाद ही पाइप फटने से ब्रेक फेल हो गए लेकिन स्टैयरिंग को संभालता रहा। कच्चे मार्ग पर गड्ढे में बस उतरते ही एकाएक मौत सामने दिखी लेकिन यात्रियों की सुरक्षा पहली थी। बस टकराने के बाद सभी सकुशल बच गए, मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी थी। रणजीत के इस हौंसले को गांव वालों ने भी सलाम किया। जयपुर निवासी रणजीत का कहना है कि बरसों से वह दाहोद से जोधपुर बस चला रहा है लेकिन पहली बार एेसा हादसा हुआ।