उदयपुर

15 साल तक दिया सास-ससुर का साथ, अब बहुओं का होगा सम्मान, चर्चा में राजस्थान का ये अनूठा आयोजन

उदयपुर में अनूठा आयोजन, 31 मई को उन बहुओं का सम्मान होगा जो 15 साल से सास-ससुर के साथ रह रही हैं। सिंधी समाज की इस पहल ने जीता सबका दिल। जानें समारोह की पूरी डिटेल।
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May 15, 2026
Udaipur Sas-Bahu Samman Samaroh AI PIC
Udaipur Sas-Bahu Samman Samaroh AI PIC

आज के दौर में जहाँ एकल परिवार का चलन बढ़ रहा है, वहीं राजस्थान के उदयपुर से रिश्तों के सम्मान की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आ रही है। शहर के शक्ति नगर स्थित झूलेलाल भवन में आगामी 31 मई को एक ऐसा आयोजन होगा, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। इस "सास-बहू सम्मान समारोह" का मुख्य उद्देश्य समाज में संयुक्त परिवार की महत्ता को पुनर्जीवित करना है।

5 साल नहीं, अब 15 साल का 'अनुभव' जरूरी

आयोजन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पूज्य सिंधी समाज (JSP) के अध्यक्ष हरीश राजानी ने बताया कि पहले इस सम्मान के लिए 5 वर्ष तक सास-ससुर के साथ रहने की अवधि निर्धारित की गई थी। लेकिन समाज के उत्साह को देखते हुए अब इसे बढ़ाकर 15 वर्ष कर दिया गया है।

मापदंड: केवल उन्हीं बहुओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने कम से कम डेढ़ दशक तक एक ही छत के नीचे सास-ससुर की सेवा की है और परिवार को बिखरने नहीं दिया।

उद्देश्य: नई पीढ़ी को यह संदेश देना कि बुजुर्गों के आशीर्वाद से ही घर 'स्वर्ग' बनता है।

परंपराओं और संस्कारों का सम्मान

पूज्य सिंधी साहिती पंचायत के अध्यक्ष ओमप्रकाश आहूजा ने इस बैठक के दौरान कहा कि आज के समय में परिवार की परंपराओं और एकता को बनाए रखना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।

ऐसे आयोजन परिवारों में प्रेम, आत्मीयता और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ाते हैं। जब एक बहू को उसके त्याग और सेवा के लिए समाज के सामने सम्मानित किया जाता है, तो इससे अन्य परिवारों को भी प्रेरणा मिलती है।

शक्ति नगर में जुटेगा पूरा समाज

31 मई को होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर उदयपुर के सिंधी समाज में जबरदस्त उत्साह है। आयोजन को भव्य बनाने के लिए कमेटियां गठित की गई हैं। बैठक में रामचंद्र चोटरानी, सुरेश चावला, भारत खत्री, कैलाश नेभनानी, कमलेश राजानी, राजेश चुग और गोपाल मेहता सहित समाज के कई गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।

क्यों खास है यह आयोजन?

राजस्थान हमेशा से अपनी संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाना जाता है। उदयपुर का यह "सास-बहू मिलन" केवल एक इवेंट नहीं है, बल्कि यह संदेश देता है कि सास-ससुर बोझ नहीं, बल्कि घर की नींव हैं। सोशल मीडिया पर 'सास-बहू' के नेगेटिव मीम्स के बीच यह एक पॉजिटिव स्टोरी पेश करता है।

15 साल तक एक साथ रहना सहनशीलता और प्रेम का प्रतीक है। 31 मई को झूलेलाल भवन में जब ये बहुएं सम्मानित होंगी, तो वह पल न केवल उन परिवारों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए गौरवशाली होगा।

Updated on:
15 May 2026 10:42 am
Published on:
15 May 2026 10:17 am