
उदयपुर . खाते में 1.35 लाख से अधिक की राशि जमा, इसके बावजूद यूको बैंक ने अपर्याप्त राशि बताकर बच्चे की स्कूल की फीस 1250 रुपए जमा नहीं कर चेक अनादरित कर दिया। वाद दायर करने पर यूको ने परिवादी से राजीनामा कर लिया लेकिन न्यायालय ने बैंक की सेवा को पूरी तरह से दोषपूर्ण माना। स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष के.बी.कट्टा, सदस्य सुशील कोठारी व बृजेन्द्र सेठ ने यूको बैंक के इस कृत्य पर उसे आईसीआईसीआई बैंक व स्कूल को बतौर 10 हजार रुपए का जुर्माना अदा करने के आदेश दिया। इस राशि में से यूको बैंक आईसीआईसीआई को 7 हजार व स्कूल प्रबंधन को 3 हजार का भुगतान करेगा।
READ MORE: ठाकुरजी के जयकारों के बीच हुए तुलसी विवाह , हर्षोल्लास से मनाई देवदिवाली, देखें वीडियो
न्यायालय ने यह आदेश सुखेर निवासी हरीश पुत्र कालू मेघवाल बनाम आईसीआईसीआई उदयपुर बैंक मैनेजर, सुखेर यूको बैंक मैनेजर व प्रिंसीपल टेलेंट एकेडमी सीनियर सैकण्डरी स्कूल पूला के विरुद्ध दायर वाद पर दिया। -- यह था मामला परिवादी हरीश ने अपने बच्चे की स्कूल फीस का एक यूको बैंक का 1250 का चेक स्कूल प्रबंधन को दिया। स्कूल प्रबंधन ने उसे आईसीआईसीआई बैंक के अपने खाते में जमा करवाया।
चेक क्लीरियेंस के दौरान अपर्याप्त राशि बनाकर उसे टिप्पणी के साथ लौटा दिया गया जबकि प्रार्थी के खाते में उस दिन तक 1.35 लाख रुपए जमा थे। परिवादी का कहना था कि बैंक के इस कृत्य से उसके बच्चे को स्कूल में अपमानित व बेइज्जत होना पड़ा। मामले में जांच में यूको बैंक की पूरी तरह से गलती पाई गई। न्यायालय के कार्रवाई से पूर्व बैंक ने परिवादी से राजीनामा कर लिया और न्यायालय को अवगत करा दिया।
न्यायालय ने माना कर यूको बैंक ने परिवादी से राजीनामा तब किया जब इस संबंध में आईसीआईसीआई बैंक द्वारा ट्रांसजेक्शन से संबंधित दस्तावेज स्टेटमेंट ऑफ क्लीयरिंग तथा रिटर्न आईटम डिटेल रिपोर्ट पत्रावली पर पेश की।