1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

उदयपुर : कम उम्र में घुटनों ने पकड़ी दर्द की राह… एमबी अस्पताल में बढ़ रहे मरीज

उदयपुर में अब 28 से 40 वर्ष के युवा भी घुटनों के दर्द से परेशान होकर एमबी अस्पताल पहुंच रहे हैं। हर माह 40 से अधिक मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक बैठकर काम करना, व्यायाम की कमी, मोटापा और मांसपेशियों की कमजोरी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। सीढ़ियां चढ़ने, उठने-बैठने और चलने में दर्द इसके शुरुआती लक्षण हैं। नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और समय पर चिकित्सकीय परामर्श से समस्या से राहत मिल सकती है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

उदयपुर

•

image

Mukesh Gaur

•

Updated: 1 Nov 2026, 5:46 PM IST

kneee problam

demo pic

उदयपुर. घुटनों में दर्द की समस्या अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही। कम उम्र में ही युवा घुटनों के दर्द से परेशान होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। एमबी अस्पताल में भी घुटनों से जुड़ी समस्याओं के मरीज सामने आ रहे हैं। 28 से 40 की उम्र के युवाओं को चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने और लंबे समय तक बैठने के बाद उठने में परेशानी हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों की कमी, बढ़ता वजन और मांसपेशियों की कमजोरी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं।

आजकल युवाओं का अधिकतर समय बैठकर काम करने, मोबाइल देखने और कंप्यूटर पर बिताने में निकल जाता है। नियमित व्यायाम नहीं करने और शारीरिक गतिविधियां कम होने से मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। वहीं, मोटापा बढ़ने से घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसका असर धीरे-धीरे घुटनों की कार्यक्षमता पर पड़ सकता है। शुरुआत में दर्द हल्का होने के कारण युवा इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन परेशानी बढ़ने पर चलने-फिरने में भी दिक्कत होने लगती है।

सीढ़ियां चढ़ने और उठने-बैठने में दर्द

एमबी अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एमपी जैन ने बताया घुटनों की समस्या होने पर शुरुआत में सीढ़ियां चढ़ते या उतरते समय दर्द महसूस हो सकता है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने के बाद उठने में परेशानी, घुटनों में अकड़न और चलते समय दर्द होना भी इसके लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों को व्यायाम या अधिक देर तक पैदल चलने के बाद भी परेशानी होती है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहने पर चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।

हर माह 40 से ज्यादा मरीज

एमबी अस्पताल में हर माह 40 से ज्यादा मरीज घुटनों के दर्द के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। डॉ. जैन ने बताया कि घुटनों से जुड़ी परेशानी को उम्र के साथ होने वाला बदलाव मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि घुटनों के दर्द के कारणों का पता लगाने के लिए मरीज की स्थिति के अनुसार जांच की जाती है। समय पर समस्या की पहचान होने से उचित उपचार और सावधानियों के जरिए राहत मिल सकती है।

व्यायाम से मिल सकती राहत

घुटनों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है। वजन नियंत्रित रखने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम करने और लंबे समय तक लगातार बैठने से बचने पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, घुटनों में दर्द होने पर बिना सलाह कठिन व्यायाम या भारी वजन उठाने से बचना चाहिए। दर्द लगातार बना रहे, सूजन आए या चलने में परेशानी हो तो चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।