उदयपुर

बदल रहा स्वाद, अहमदाबाद से आ रहा मीठा मावा और मिल्क केक

मिठाई बाजार में अहमदाबाद से दूध पाउडर से तैयार मीठा मावा और मिल्क केक की आवक बढ़ रही है। व्यापारियों के अनुसार मीठे मावे की रोजाना खपत करीब 2000 किलो है, जिससे स्थानीय पारंपरिक मावे की मांग घटकर 40 प्रतिशत रह गई है। मांग में कमी से गांवों की कई मावा भट्टियां बंद हो गई हैं। मिल्क केक के नाम पर सूजी का हलवा बिकने का दावा भी किया जा रहा है। वहीं, दीपावली पर मेवों की मांग और कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।
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Oct 13, 2026
mava in udaipur
बाजार में बिकने वाला मावा 

उदयपुर. दीपावली से पहले मिठाई बाजार में तैयार माल की आवक बढ़ने के साथ मिठाइयां बनाने का तरीका भी बदल रहा है। व्यापारियों के अनुसार अहमदाबाद से दूध पाउडर से तैयार मीठा मावा और मिल्क केक के नाम से बिकने वाला उत्पाद बड़ी मात्रा में उदयपुर पहुंच रहा है। कम समय में तैयार होने और लागत के अंतर के कारण कई मिठाई विक्रेता इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका असर स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले पारंपरिक मावे की मांग पर भी पड़ रहा है। इसकी खपत में भारी गिरावट आई है।व्यापारियों ने बताया कि अहमदाबाद से ट्रैवल्स के जरिए मीठे मावे के 30-30 कट्टों की खेप आ रही है। इस मावे में करीब 25 प्रतिशत मावा और 75 प्रतिशत पाउडर है। इसे थाल में जमाकर ऊपर से एकसार किया जाता है और करीब आधे घंटे में काटने के लिए तैयार कर लिया जाता है। इससे पेड़े, मावे के लड्डू और बर्फी जैसी मिठाइयां बनाई जा रही हैं। इसकी कीमत 190 रुपए प्रति किलो बताई गई है। व्यापारियों का दावा है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी रोजाना 2000 किलो खपत हो रही है।

--इधर, मांग घटी तो गांवों की भट्टियां ठंडी

वल्लभनगर, कुराबड़ और बंबोरा सहित आसपास के गांवों से आने वाले स्थानीय फीके मावे की कीमत 240 से 260 रुपए प्रति किलो है। व्यापारियों के अनुसार पहले दूध से तैयार होने वाले इस मावे की मांग अच्छी रहती थी, लेकिन अब कई दुकानदार तैयार मीठे मावे को प्राथमिकता दे रहे हैं। पारंपरिक मावे से मिठाई तैयार करने में अधिक समय लगता है, जबकि तैयार मीठे मावे से करीब आधे घंटे में काम हो जाता है। व्यापारियों का कहना है कि स्थानीय मावे का कारोबार घटने से गांवों में कई मावा बनाने वाली भट्टियां बंद हो गई हैं। बाजार में स्थानीय मावे की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत रह गई है, जबकि शेष मांग दूसरे स्रोतों से पूरी हो रही है।---

मिल्क केक के नाम पर सूजी का हलवा बिकने का दावाबाजार में अहमदाबाद से तीन किलो के डिब्बों में एक अन्य उत्पाद भी आ रहा है, जिसे मिल्क केक के नाम से बेचे जाने की बात सामने आई है। व्यापारियों के अनुसार यह उत्पाद सूजी और चीनी से तैयार हलवे जैसा है। इसकी कीमत 570 से 600 रुपए प्रति तीन किलो का डिब्बा है। उनका दावा है कि रोजाना 1000 से 1500 डिब्बों की आवक हो रही है। व्यापारियों के अनुसार दूध से तैयार मिल्क केक या कलाकंद की लागत 400 रुपए प्रति किलो तक पड़ती है, जबकि तीन किलो का यह डिब्बा 570 से 600 रुपए में मिल रहा है।

--मेवे की मांग बरकरार

त्योहारों के सीजन में मेवे की मांग बनी हुई है। बाजार में काजू, बादाम, पिस्ता, अंजीर और अन्य मेवों की खरीदारी हो रही है। अभी बाजार में काजू 900 से 1400 रुपए किलो, अमेरिकन बादाम 1050 से 1400 रुपए और मामरा बादाम 2800 से 5000 रुपए किलो बिक रहा है। ईरानी रोस्टेड पिस्ता के भाव 1700 से 2000 रुपए किलो हैं। इसी तरह अंजीर 800 से 2500 रुपए, मुनक्का 600 से 1200 रुपए, इंडियन दाख 400 से 600 रुपए, कंधारी दाख 500 से 700 रुपए और काली दाख 500 से 800 रुपए किलो बिक रही है। अखरोट 800 से 1000 रुपए और अखरोट गिरी 1000 से 1800 रुपए किलो है। सऊदी खजूर के भाव 350 से 2200 रुपए किलो हैं। चिलगोजा 3600 से 4000 रुपए और चिलगोजा गिरी करीब 5500 रुपए किलो बिक रही है। इसके अभाव ऊंचे भाव वाले मेवे भी मौजूद है। व्यापारियों के अनुसार मेवे में फसल खराब व आवक कम होने से भावों में उछाल आया है।

Updated on:
13 Oct 2026 06:03 pm
Published on:
13 Oct 2026 06:03 pm