
उदयपुर. सोशल मीडिया की चमक के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी होती है। उदयपुर के गांव बंकोड़ा से निकली यान्शी जैन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। कभी काम की तलाश में शहर-शहर भटकना, रहने के लिए जगह नहीं होना, पार्क की बेंच पर रात गुजारना और कई बार 50 से 100 रुपए के छोटे डिजिटल रिवॉर्ड से पेट भरना। आज वही यान्शी अभिनय, डांस और एंटरटेनमेंट कंटेंट के जरिये सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बना चुकी है।
यान्शी को बचपन से एक्टिंग और डांसिंग का शौक था, लेकिन सोशल मीडिया या एंटरटेनमेंट की दुनिया में कॅरियर बनाने की कोई तय योजना नहीं थी। वह दिल्ली में नौकरी कर रही थीं, तभी एक कंटेंट क्रिएटर ने उन्हें एक प्रोजेक्ट के लिए अप्रोच किया। कैमरे के सामने उनका पहला अनुभव एक म्यूजिक एल्बम से शुरू हुआ। इसके बाद धीरे-धीरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अन्य क्रिएटर्स के साथ काम मिलने लगा। शुरुआत आसान नहीं थी। सुबह से शाम तक काम करने के बावजूद आमदनी कभी बहुत कम होती तो कभी बिल्कुल नहीं। परिवार की जिम्मेदारियां थीं और काम मिले या न मिले, घर पैसे भेजने होते थे। कई बार यह अनिश्चितता मानसिक दबाव बन गई। ऐसे दौर में यान्शी को लगता था कि शायद उसमें ही कोई कमी है। लेकिन, फिर एक शॉर्ट फिल्म ने उसकी जिंदगी बदल दी। फिल्म वायरल हुई और कई बड़ेमीम पेजों तक पहुंची। लोग उसे पहचानने लगे और बड़ेक्रिएटर्स के साथ काम के अवसर मिलने लगे। यह केवल वायरल होने का क्षण नहीं, बल्कि जिंदगी बदलने वाला मोड़ था।
पार्क की बेंच से उद्यमिता तक
यान्शी कम उम्र में काम की तलाश में मुंबई, हैदराबाद, दिल्ली में रही। ऐसे भी दिन आए, जब रहने की जगह नहीं थी। आर्थिक तंगी में कई बार खाने तक के पैसे नहीं थे। मेहनत के बूते क्लोदिंग स्टोर शुरू किया, परिवार को गांव से उदयपुर शिफ्ट किया। जिम्मेदारी संभालते हुए पिता को मजबूरन काम करने की स्थिति से निकाला।
आज लाखों प्रशंसक की फैमिली
यान्शी पार्टनर मनीष चौधरी के साथ यूट्यूब चैनल स्टार्टअप वीनेश पर काम करती है। स्टोरी राइटिंग, एक्टिंग, डायरेक्शन, एडिटिंग तक सारा काम दोनों संभालते हैं। इंस्टाग्राम पर 35 हजार फॉलोअर्स, जबकि रील्स को लगभग 70 मिलियन तक व्यूज मिले हैं। फेसबुक पर भी उनकी वीडियो 150 मिलियन व्यूज तक पहुंच चुकी है।
हमेशा रहे संघर्ष के पांच साथी
यान्शी अपने सफर में दोस्त पलक जैन और सचिन कोठारी के साथ ही माता-पिता और भाई यश के विश्वास को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती है। कहती है कि इन लोगों ने मुश्किल दौर में उसका साथ नहीं छोड़ा और उसके फैसलों पर भरोसा बनाए रखा। इसी भरोसे की ताकत से वह आगे बढ़ पाई और एक सफल क्रिएटर बन गई।
मेहनत करते रहो
उतार-चढ़ाव सभी की जिंदगी में आते हैं। एक समय ऐसा जरूर आता है, जब लगता है कि शायद इस काम के लिए बने ही नहीं हैं। लेकिन, मानसिक रूप से मजबूत रहना, खुद पर भरोसा करना और खुद से प्यार करना सीखें तो मुश्किल रास्ते भी आसान लगने लगते हैं। हालात चाहे कितने भी कठिन हों, मेहनत करते रहना चाहिए।