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उदयपुर : ऑल-इन-वन खेलगांव: वर्ल्ड-क्लास इंफ्रा तैयार, प्रतिभाओें को द्रोणाचार्यों का इंतज़ार

उदयपुर के महाराणा प्रताप खेलगांव में तैराकी, हॉकी, शूटिंग, टेनिस, क्रिकेट समेत कई खेलों के लिए वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं उपलब्ध हैं और नई सुविधाएं भी जुड़ रही हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने के बावजूद प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए अब प्रशिक्षित और विशेषज्ञ कोच की जरूरत है।
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उदयपुर. एक ही परिसर में तैराकी से लेकर निशानेबाजी, टेनिस से लेकर हॉकी, मुक्केबाजी से लेकर तीरंदाजी और क्रिकेट से लेकर स्केटिंग तक...। महाराणा प्रताप खेलगांव में अब खेलों की पूरी दुनिया तैयार हो गई है। अंतरराष्ट्रीय मानक का 50 मीटर तरणताल, सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान, सिंथेटिक टेनिस और बास्केटबॉल कोर्ट, शूटिंग रेंज, स्क्वैश कोर्ट, तीरंदाजी रेंज, बॉक्सिंग-जूडो हॉल और क्रिकेट मैदान जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों को एक ही परिसर में मिल रही हैं। खेलगांव की यह दुनिया अभी थमी नहीं है। लैक्रोज मैदान के साथ 50 मीटर शूटिंग रेंज, तीन पिकलबॉल कोर्ट और बॉक्स क्रिकेट जैसी नई सुविधाएं भी जुड़ने जा रही हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेलगांव की तस्वीर देखें तो यहां सुविधाओं की कमी से ज्यादा अब प्रतिभाओं को सही दिशा देने वाले प्रशिक्षित गुरु की जरूरत है।

सुविधाएं मिल रही तो पहचान भी बना रहे खिलाड़ी

खेलगांव में 50 मीटर तरणताल, चार टेनिस कोर्ट, दो बास्केटबॉल कोर्ट, 125 मीटर कोटा स्टोन का स्केटिंग एवं रॉल बॉल रिंक, दो स्क्वैश कोर्ट, दो वॉलीबॉल कोर्ट, 10 मीटर राइफल-पिस्टल शूटिंग रेंज, छह क्रिकेट अभ्यास नेट, मुख्य क्रिकेट मैदान, योग केंद्र और जिम संचालित हैं। इसके अलावा तीरंदाजी, मुक्केबाजी, जूडो, हॉकी और एथलेटिक्स के लिए भी प्रशिक्षण सुविधाएं मौजूद हैं। इनमें कई सुविधाएं आधुनिक स्तर की हैं। सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक धावकों के लिए बेहतर अभ्यास का आधार है, जबकि एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान और सिंथेटिक कोर्ट बड़े स्तर के प्रशिक्षण के लिए उपयोगी हैं। यही वजह है कि खेलगांव में तैयार खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक तक पहुंच रहे हैं। जूडो और मुक्केबाजी के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाई है।

यहां के तीन तैराक इंग्लिश चैनल कर चुके पार

खेलगांव का 50 मीटर तरणताल इसकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। इसका निर्माण वर्ष 2010 में 2.38 करोड़ रुपए की लागत से कराया गया था और वर्ष 2014 में संचालन शुरू हुआ। यहां से तैयार तीन तैराक इंग्लिश चैनल पार कर चुके हैं। युग चैलानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता और राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता रहे हैं। हर वर्ष करीब 20 से 30 नए तैराक तैयार होते हैं, जबकि 30 से 32 खिलाड़ी राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। अब तरणताल के नवीनीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। करीब 6.50 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से शेड, ऑल वेदर सुविधा और पूरे तरणताल का नवीनीकरण किया जा रहा है।

बढ़ेगा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आधार

लैक्रोज मैदान पूरा हो चुका है। साथ ही 50 मीटर शूटिंग रेंज, तीन पिकलबॉल कोर्ट और बॉक्स क्रिकेट के निर्माण की तैयारी है। टेनिस के लिए दो नए क्ले कोर्ट बन चुके हैं। क्रिकेट मैदान पर पैवेलियन भी प्रस्तावित है। शूटिंग रेंज में भवन मरम्मत, जूडो-बॉक्सिंग हॉल में अतिरिक्त लाइटिंग, बास्केटबॉल और हॉकी में दर्शकों के लिए बैठक व्यवस्था, स्क्वैश कोर्ट में वातानुकूलन और जिम में आधुनिक उपकरण बढ़ाने की योजना है। इससे खेलगांव में प्रशिक्षण के साथ बड़ी प्रतियोगिताओं के आयोजन की क्षमता भी बढ़ेगी।

500 से ज्यादा खिलाड़ी

वर्तमान में टेनिस में करीब 50-60, बास्केटबॉल में 40-45, स्केटिंग-रॉल बॉल में 60-65, जूडो-बॉक्सिंग में 25-30, शूटिंग में 30-35, क्रिकेट में 45-50, योग में 25-30, जिम में 80-100, स्क्वैश में 15-20, तीरंदाजी में 10-15, हॉकी में 30-40 और एथलेटिक्स में 30-40 प्रशिक्षणार्थी हैं। इसके अलावा तैराकी और अन्य गतिविधियों में भी खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।

खेलगांव में एक ही परिसर में कई खेलों की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। हमारा प्रयास है कि इनका अधिकतम उपयोग खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के साथ राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए हो। नए खेल और सुविधाएं जुड़ने से इसकी क्षमता और बढ़ेगी। आने वाले समय में अधिक से अधिक प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर देने पर हमारा जोर रहेगा।

डॉ.महेश पालीवाल, जिला खेल अधिकारी