उदयपुर

उदयपुर में घर पर खड़ी गाडि़यां और हाइवे टोल, जयपुर व भीलवाड़ा में कटे चालान

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह फर्जीवाड़ा केवल चालान से बचने के लिए ही नहीं, बल्कि तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी इस्तेमाल हो सकता है।

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Apr 22, 2026
source patrika oimege

जांच की तो दूसरे शहरों में फर्जी नम्बर प्लेट से दौड़ रही कारें- चालान से खुल रहे राज, पुलिस अब तक खाली हाथ

उदयपुर. राजस्थान में फर्जी नंबर प्लेट का बड़ा खेल सामने आ रहा है, जहां एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर अलग-अलग शहरों में कई गाड़ियां दौड़ रही हैं। उदयपुर शहर में असली वाहन मालिक की तीन ऐसी ही गाडि़यां सामने आई जो उनके घर के बाहर खड़ी मिली, लेकिन उसका चालान दूसरे शहर में कटते हुए खाते से पैसे चले गए। जांच में पता चला कि उनकी गाडि़यों के फर्जी नम्बर प्लेट लगी दूसरी कारें जयपुर, भीलवाड़ा और उदयपुर में ही दौड़ रही है। यानी फर्जी नंबर प्लेट का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। ऑनलाइन चालान प्रणाली ये मामले लगातार खुल रहे है लेकिन पुलिस अभी तक किसी आरोपी तक नहीं पहुंच सकी ।

घर पर गाड़ी, फिर भी कट गया चालान, फोटोग्राफर बना शिकार

वर्ना के नंबर पर दूसरी कार चलाकर दो बार वसूला टोल

शहर के हिरणमगरी सेक्टर-4 निवासी धर्मेन्द्र परिहार की कार आरजे-27-सीडी-5334 घर के बाहर खड़ी थी, लेकिन उनके नाम से स्टेट टोल के दो चालान कट गए और खाते से राशि भी कट गई। जांच करने पर पता चला कि उसी नंबर का उपयोग एक दूसरी कार में किया जा रहा है। हैरानी तब हुई जब रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक आई-10 कार मिली, जिसके आगे परिहार की कार का नंबर और पीछे अलग नंबर आरजे-27-सीडी-5834 लिखा हुआ था। यानी एक ही गाड़ी में दो अलग-अलग नंबर प्लेट लगाकर खुलेआम घूम रही थी, लेकिन किसी स्तर पर जांच नहीं हुई। इसी गाड़ी का दो बार हाइवे टोलनाके पर चालान कटा और पैसे परिहार के खाते से गए। परिहार ने सीडब्ल्यूसी सदस्य बी.के.गुप्ता के सहयोग से पत्रिका और पुलिस को जानकारी दी।

एक नंबर, दो शहरों में गाड़ियां, भीलवाड़ा में पुलिस लिखी संदिग्ध कार फरार

एसपी निवास के बाहर खड़ी मिली फर्जी कार, असली मालिक घर परगोगुंदा निवासी जयदीप सिंह झाला को भीलवाड़ा पुलिस ने फोन कर बताया कि उनकी कार आरजे-27-सीके-2614 एसपी निवास के बाहर नो पार्किंग में खड़ी है। जब घर के बाहर देखा तो उनकी गाड़ी वहीं मौजूद थी। सूचना के बाद पुलिस सक्रिय हुई, पर भीलवाड़ा में संदिग्ध कार चालक मौके से फरार हो गया। खास बात यह रही कि उस कार पर आगे पुलिस लिखा था और अंदर पुलिस की कैप भी रखी थी। कार का रंग और मॉडल भी असली गाड़ी जैसा ही था, जिससे यह मामला संगठित फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है।

जयपुर में भी खुलासा, अलग मॉडल की कार पर लगा था वही नंबर

ई-चालान भरते समय खुली पोल

उदयपुर के सेक्टर-14 निवासी पीयूष कोठारी के नाम से जयपुर में चालान कट गया, जबकि उनकी कार वहां गई ही नहीं थी। जांच में सामने आया कि उनकी कार के नंबर आरजे-27-सीजे-0808 का इस्तेमाल दूसरी कार पर किया जा रहा था। चालान में दर्ज मॉडल और फोटो में दिख रही कार अलग-अलग थी हुंडई क्रेटा पर बलेनो का नंबर लगा हुआ मिला।---

ऑनलाइन चालान से खुल रहा बड़ा खेल

राज्यभर में फर्जी नंबर प्लेट से दौड़ रहीं गाड़ियां, कार्रवाई शून्य

ई-चालान सिस्टम से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं कि एक ही नंबर की कई गाड़ियां अलग-अलग शहरों में दौड़ रही है। इस संबंध में कुछ शिकायतें विभिन्न थाने में दर्ज हुई, लेकिन अभी तक पुलिस किसी गिरोह या आरोपी तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह फर्जीवाड़ा केवल चालान से बचने के लिए ही नहीं, बल्कि तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी इस्तेमाल हो सकता है।

Published on:
22 Apr 2026 05:46 pm
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