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शहर के पर्यटन स्थलों के संकेतक नहीं, गूगल भी भटका रहा

संकेतक नहीं होने से पर्यटक गूगल मैप का सहारा लेते हैं। जो आसान मार्ग दिखाने के चक्कर में पर्यटकों को भटका रहा है। पटेल सर्कल से प्रवेश के बाद पर्यटक कई बार किशनपोल की गलियों में प्रवेश कर जाते हैं। वहीं कई शहर की तंग गलियों में भी प्रवेश कर जाते हैं। ऊंची घाटियों और तंग गलियों में इनके वाहन फंस जाते हैं।

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पुराने शहर के आसपास कई महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। इन तक पहुंचने के मार्ग में संकेतक नहीं होने से बाहर से आने वाले लोगोें को परेशानी हाे रही है।

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वॉल सिटी में भटक रहे पर्यटक, मैप से भी नहीं मिल रही मदद

उदयपुर. प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए संकेतक नहीं होने से कई पर्यटक भटकने को मजबूर हैं।वाॅल सिटी में कई प्रमुख स्थानों पर जाने वाले मार्गों पर संकेतक नहीं लगे हैं। पुराने शहर के आसपास कई महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। इन तक पहुंचने के मार्ग में संकेतक नहीं होने से बाहर से आने वाले लोगोें को परेशानी हाे रही है। बर्फ फैक्ट्री, कालाजी-गोराजी, आरएमवी रोड, रंगनिवास, पाला गणेशजी घंटाघर, जगदीश चौक, पिछोला झील सहित कई स्थानों पर संकेतक नहीं होने से पर्यटकों को स्थल की जानकारी नहीं मिल पाती।मोबाइल मैप भी सटीक नहीं

संकेतक नहीं होने से पर्यटक गूगल मैप का सहारा लेते हैं। जो आसान मार्ग दिखाने के चक्कर में पर्यटकों को भटका रहा है। पटेल सर्कल से प्रवेश के बाद पर्यटक कई बार किशनपोल की गलियों में प्रवेश कर जाते हैं। वहीं कई शहर की तंग गलियों में भी प्रवेश कर जाते हैं। ऊंची घाटियों और तंग गलियों में इनके वाहन फंस जाते हैं।

ये परेशानी हो रही

पाला गणेशजी क्षेत्र में दूधतलाई जाने वाले पर्यटक कई बार या तो शहर में प्रवेश कर जाते हैं, या किशनपोल की ओर चले जाते हैं। इसी प्रकार बर्फ फैक्ट्री के यहां भी बोर्ड नहीं होने से सीधे किशन पोल की ओर निकल जाते हैं। इधर रंग निवास तिराहे पर भी बोर्ड नहीं है। ऐसे में पर्यटक सिटी पैलेस की जगह दूधतलाई या किशनपोल पहुंच जाते हैं। जगदीश चौक पर बोर्ड नहीं होने से भी पर्यटक पिछोला, सिटी पैलेस, बागौर की हवेली आदि ढूंढते रहते हैं। हाथीपोल से शहर में प्रवेश के लिए भी पर्यटकों को नई पुलिया से आना होता है। इन सभी स्थानों पर संकेतक नहीं होने से पर्यटक खासे परेशान हो रहे हैं।

इनका कहना है

होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए साइन बोर्ड होने चाहिए। इससे जहां पर्यटक परेशानियों से बचेंगे, वहीं शहर की यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा। व्यवसायी सुनील सनाढ्य ने बताया कि कई पर्यटक गूगल मैप का सहारा लेकर भटकते हैं, आखिर में पूछकर वे मंजिल तक पहुंचते हैं। संकेतक होने से पर्यटकों का भटकाव कम होगा।