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उदयपुर/सलूंबर। राजस्थान के सलूंबर जिले में गींगला थाना क्षेत्र के जाम्बुडा गांव में दबंगई और सामाजिक कुरीतियों का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक रसूखदार गुट ने एक परिवार का पिछले 3 साल से हक्का-पानी बंद कर रखा है।
अब समाज में वापस लेने के बदले पीड़ित से 50 हजार रुपए के 'दंड' की मांग की जा रही है। थक हारकर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, इसके बाद गींगला थाना पुलिस ने ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित रामलाल मीणा ने बताया कि गांव के कुछ दबंगों ने पूरे गांव को उसके परिवार से बात न करने के लिए धमकाया हुआ है। यदि गांव का कोई भी व्यक्ति पीड़ित से संपर्क करता है, तो आरोपी उस पर 10 से 20 हजार रुपए का जुर्माना लगा देते हैं। हद तो तब हो गई जब पीड़ित को उसके सगे भाई की शादी और रिश्तेदारों के मृत्यु भोज तक में शामिल नहीं होने दिया गया।
शिकायत के अनुसार, पीड़ित की बेटी की शादी होने वाली हैं। आरोपियों ने शर्त रखी है कि यदि वह समाज में वापस आना चाहता है और शाति से बेटी का विवाह करना चाहता है, तो उसे 50 हजार रुपए 'दंड' के रूप में समाज को देने होंगे। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी उसकी जमीन और पैसे हड़पना चाहते हैं और उसे आत्महत्या के लिए उकसा रहे हैं।
न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट सलूंबर के इस्तगासे पर गींगला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 308(3), 356(2), 61 और 351 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले की जांच हैड कांस्टेबल आशीष कुमार को सौंपी गई है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। साथ ही पुलिस ने पीड़ित परिवार को विश्वास दिलाया है कि जो भी दोषी होगा, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में राजस्थान के जालोर जिले में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। जहां जातीय पंचों की ओर एक परिवार का हुक्का पानी बंद करने के फरमान जारी किया था। इसी बीच 20 अप्रेल को दो बहनों की शादी हुई थी, लेकिन रिश्तेदार व मेहमान गायब रहे थे। पंचों की ओर से शादी-समारोह में शिरकत करने पर भारी आर्थिक दंड का फरमान सुनाया था। ऐसे में लोग डर के मारे शादी में शामिल ही नहीं हुए थे।
Published on:
23 Apr 2026 09:27 am
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