उदयपुर

गर्मी और उमस पर भारी बिजली कटौती..पांच से दस बार हो रही बिजली गुल… लोग हो रहे परेशान

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Aug 24, 2018
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गर्मी और उमस पर भारी बिजली कटौती..पांच से दस बार हो रही बिजली गुल... लोग हो रहे परेशान

धीरेंद्र जोशी/उदयपुर . मानसून पूर्व रखरखाव के नाम पर कटौती के बावजूद शहर के कई क्षेत्रों में बिना सूचना के विद्युत कटौती आम बात हो गई है। गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं, ऊपर से अघौषित कटौती कोढ़ में खाज का काम कर रही है। पुराने शहर में यह समस्या विकट हो गई है, जहां दिन में पांच से दस बार बिजली का गुल होना आम बात है।

बारिश के मौसम में कटौती नहीं हो, इसके लिए मानसून पूर्व ही सभी जीएसएस पर रखरखाव कार्य किया जाता है। इस बार लगभग हर क्षेत्र में रखरखाव के नाम पर 6 से 10 घंटे तक दो से तीन बार कटौती की गई। इसके बावजूद बारिश शुरू होने के बाद भी बिजली गुल होने का सिलसिला चल पड़ा। पुराने शहर के भट्टियानी चौहटा, रावजी का हाटा, जडिय़ों की ओल, जगदीश चौक, घंटाघर, उदियापोल, सर्वऋतु विलास सहित आसपास के क्षेत्रों में दिन में कई बार बिजली गुल हो रही है। ऐसे में उमस भरे मौसम में बिजली गुल होने से लोग परेशान हैं, वहीं बिजली पर निर्भर कामकाज ठप होने से व्यवसायियों को दिक्कत हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।

ऐसे होता है रखरखाव
विद्युत व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए तीन प्रकार के जीएसएस होते हैं। इनमें 11 केवी का जीएसएस, अविविनिलि के सहायक अभियंता के अधीन होते हैं। 33 केवी के जीएसएस का रखरखाव सहायक अभियंता, हाई टेंशन मेंटेनेंस और उनकी टीम की देखरेख में होता है। इससे ऊपर के 132, 220, 440 केवी के जीएसएस का रखरखाव प्रसारण निगम के अभियंता करते हैं। नियमानुसार वर्ष में दो बार सभी जीएसएस का रखरखाव करना अनिवार्य है। इनमें एक मानसून से पूर्व और दूसरा दीपावली से पूर्व, लेकिन तीनों जीएसएस में से एक भी टीम ने अपना काम नहीं किया तो नतीजा अघोषित बिजली कटौती के रूप में सामने आता है।

कई बार नहीं होता रखरखाव

प्राथमिक स्तर पर 11 केवी के जीएसएस का रखरखाव तो 5 से 6 घंटे में कर दिया जाता है लेकिन इससे बड़े जीएसएस में रखरखाव के लिए समय अधिक लगता है। ऐसे में रखरखाव के लिए बिजली बंद करने से पूर्व निगम को कई बिन्दुओं का ध्यान रखना होता है। बिजली बंद होने के दौरान संबंधित क्षेत्र में बड़ा धार्मिक, सामाजिक या अन्य कोई कार्यक्रम तो नहीं या वीआईपी या वीवीआईपी की गतिविधि तो नहीं है। ऐसे में कई बार रखरखाव का कार्य नहीं हो पाता है।

Published on:
24 Aug 2018 02:20 pm