
मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में चल रहे पदोन्नति प्रकरण में अब सुटा (सुखाडि़या विवि टीचर्स एसोसिएशन ) संगठन भी कूद पड़ा है। संगठन के अध्यक्ष डॉ देवेन्द्रसिंह राठौड ने बताया कि विवि आगामी प्रबन्ध मंडल की बैठक से पूर्व पदोन्नति दे, नहीं तो कार्य बहिष्कार किया जाएगा। राठौड़ ने बताया कि इन शिक्षकों की विवि को नेक की पूर्व में ए प्लस ग्रेड दिलवाने में खास भूमिका रही है।
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लम्बे समय से अटकी पदोन्नति
विश्वविद्यालय प्रशासन अपने कर्तव्य एवं दायित्वों में शिथिलता बरतते लम्बे समय से शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को अटकाए हुए बैठा हुआ है। जिनकी संख्या विश्वविद्यालय के कुल शिक्षकों की लगभग 75 फीसदी से भी अधिक है। कुछ शिक्षकों की एसोसिएट प्रोफ़ेसर से प्रोफेसर की पदोन्नति, कई शिक्षकों की असिस्टेंट प्रोफ़ेसर स्टेज 2 से स्टेज 3 की पदोन्नति तथा स्टेज 1 से स्टेज 2 की पदोन्नति लंबित है। पदोन्नति के सन्दर्भ में लगातार शिक्षकों तथा शिक्षकों के समूहों द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र तथा ज्ञापन दिए गए हैं।
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दी चेतावनी
सुटा अध्यक्ष डॉ देवेंद्र सिंह राठौड़ ने चेतावनी दी है की अगले सप्ताह होने वाली प्रबंध मंडल की बैठक से पूर्व यदि पदोन्नति प्रक्रिया की कार्रवाई पूर्ण कर शिक्षकों को सभी परिलाभ नहीं दिए गए तो शिक्षकों द्वारा विश्वविद्यालय कार्यो (यथा परीक्षा ड्यूटी, प्रवेश प्रक्रिया) का बहिष्कार किया जायेगा। साथ ही अनिश्चित काल तक धरना प्रदर्शन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन अपने कर्तव्य एवं दायित्वों में शिथिलता बरतते लम्बे समय से शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को अटकाए हुए बैठा हुआ है। जिनकी संख्या विश्वविद्यालय के कुल शिक्षकों की लगभग 75 फीसदी से भी अधिक है। कुछ शिक्षकों की एसोसिएट प्रोफ़ेसर से प्रोफेसर की पदोन्नति, कई शिक्षकों की असिस्टेंट प्रोफ़ेसर स्टेज 2 से स्टेज 3 की पदोन्नति तथा स्टेज 1 से स्टेज 2 की पदोन्नति लंबित है। पदोन्नति के सन्दर्भ में लगातार शिक्षकों तथा शिक्षकों के समूहों द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र तथा ज्ञापन दिए गए हैं।