उदयपुर

UPSC Success Story: उदयपुर के जय और राहुल ने एक साथ क्रैक किया UPSC, ASP के बेटे सौरभ भी बने अफसर

UPSC Result: संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में उदयपुर जिले से जुड़े तीन युवाओं ने सफलता हासिल की। माली कॉलोनी निवासी राहुल परमार ने 550वीं रैंक, उनके भाई जय परमार ने 790वीं और सौरभ राय राठौड़ ने 871वीं रैंक प्राप्त की।
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Mar 07, 2026
UPSC Success Story Udaipur Rahul Parmar Jai Parmar and Saurabh Rai Rathore Crack UPSC Exam
सौरभ राय, राहुल परमार और जय परमार (फोटो- पत्रिका)

UPSC Success Story: उदयपुर: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। इस परीक्षा के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा सहित विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के लिए देशभर से अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।

बता दें कि मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर तैयार अंतिम सूची आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की गई है। सफल अभ्यर्थियों को अब प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।

दोनों की रैंक में हुआ सुधार

इस परिणाम में उदयपुर से जुड़े तीन युवाओं ने सफलता हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। उदयपुर में बिजली विभाग के एक्सईएन के बेटे राहुल परमार और जय परमार के साथ ही पुलिस अधिकारी के बेटे सौरभ राय राठौड़ का चयन यूपीएससी में हुआ है।

खास बात यह है कि सौरभ पहले ही भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में चयनित हो चुके हैं, जबकि जय परमार का चयन पिछले परिणाम में इनकम टैक्स विभाग में हुआ था। इस बार दोनों की रैंक में सुधार हुआ है और राहुल परमार भी सफल हो गए हैं।

नागपुर में ले रहे प्रशिक्षण

माली कॉलोनी निवासी राहुल परमार ने 550वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने दिल्ली से आईआईटी की पढ़ाई की है। उनके बड़े भाई जय परमार की रैंक 790वीं आई है, जबकि पिछले वर्ष उनकी रैंक 854वीं थी। जय वर्तमान में नागपुर में असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स के रूप में प्रशिक्षण ले रहे हैं।

नियमित अध्ययन से पाई सफलता

पाली के मुंडावर मूल निवासी और वर्तमान में उदयपुर में रहने वाले सौरभ राय राठौड़ ने 871वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने बीकानेर से इंजीनियरिंग की है। उनके पिता लक्ष्मण राय राठौड़ उदयपुर में अभय कमांड के प्रभारी एएसपी हैं, जबकि मां मंगला राय जिला परिषद में कार्यरत हैं।

सौरभ ने बताया कि उन्होंने कोचिंग के बजाय ऑनलाइन अध्ययन पर ध्यान दिया और प्रतिदिन लगभग दस घंटे पढ़ाई की। नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने और परिवार के सहयोग से उन्हें यह सफलता मिली।

Updated on:
07 Mar 2026 02:19 pm
Published on:
07 Mar 2026 02:19 pm