डूंगरपुर में दिशा बैठक के दौरान सांसद मन्नालाल रावत और सांसद राजकुमार रोत आमने-सामने आ गए। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर आरोप लगाए। समर्थकों में भी बयानबाजी तेज हो गई। मामला दो दिन से सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।
उदयपुर: डूंगरपुर जिले में दिशा की बैठक में आमने-सामने हुए उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत और डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत तथा समर्थकों के बीच अब जुबानी जंग शुरू हो गई है। सोशल मीडिया को हथियार बनाकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।
दोनों ही पार्टियों के समर्थक भी इसमें कूद पड़े हैं। उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने दिशा की बैठक के बाद अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर चार अलग-अलग पोस्ट की हैं, जिसमें दिशा की बैठक में सांसद राजकुमार रोत और विधायक उमेश मीणा की ओर से की जा रही बयानबाजी को टारगेट किया है।
वीडियो पोस्ट के साथ ही सांसद रावत ने इस पूरे मामले को भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और मुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों तक पहुंचाया है। इधर, सांसद रोत ने भी बैठक के तुरंत बाद कार में जाते हुए एक वीडियो पोस्ट की है। सोशल मीडिया पर दो दिन से यह मुद्दा ट्रेंड कर रहा है।
सांसद मन्नालाल रावत ने भाजपा समर्थकों की ओर से की जा रही नारेबाजी का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है कि गलत को गलत कहना सीख गए, तो विकसित भारत में विकसित डूंगरपुर अवश्य होगा। अन्यथा अलगाव, अहंकार और चर्चवाद क्षेत्र की सज्जनशक्ति, विकास और संस्कृति को निगल जाएगा।
इसके साथ ही सांसद रावत ने दिशा की बैठक के वीडियो पोस्ट की है। इसमें सांसद रोत द्वारा तुम कहकर बोलने तथा आसपुर विधायक द्वारा लड़ाई करनी हो तो बाहर आ जाना के बयान का वीडियो पोस्ट की है। वीडियो पर लिखा विकास की राह में रोड़े। वहीं, रावत ने एक साक्षात्कार में कहा है कि डूंगरपुर को विकास की मुख्यद्वारा से काटकर अलगाववाद का टापू बनाने का प्रयास किया जा रहा है। राजनीतिक छिछोरापन किया है।
डूंगरपुर-बांसवाड़ा के सांसद राजकुमार रोत ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट डाली है। इसमें लिखा है कि डूंगरपुर जिला सभागार में मेरी अध्यक्षता में दिशा कमेटी की बैठक हुई। पर, बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत बैठक में पहुंचे, तब से योजनाबद्ध तरीके से बैठक को बिगाड़ने का प्रयास किया। हद तब हुई जब उनके द्वारा पूर्व दिशा बैठक को ही कबाड़ा और फर्जी जैसे शब्दों से संबोधित किया।
रोत ने लिखा कि वीडियो में देखा होगा, वो चप्पल निकालने का संकेत देकर मुझे उकसाने का प्रयास कर रहे थे। पर, मैंने और बीएपी के विधायकों ने संयम रखा और उनके मंसूबों को पूरा नहीं होने दिया। बैठक थी जनता के हक की। पर, महाशय तो तमाशा बनाने आए थे। हमें उकसाने के बहुत इशारे हुए पर संयम ने जीत दिलाई। हम बोले सिर्फ हक की बात हो, पर वो तो बस माहौल बिगाड़ने आए थे।
दोनों सांसदों तथा आसपुर विधायक उमेश मीणा के बयानबाजी को लेकर सोमवार शाम से सोशल मीडिया पर दिशा बैठक के वीडियो पोस्ट होते रहे। समर्थकों की भी जुबानी जंग छिड़ गई। कई समर्थक उदयपुर सांसद, तो कुछ बीएपी के सांसद एवं विधायक के समर्थन में बयानबाजी कर रहे हैं। उदयपुर देहात अध्यक्ष पुष्कर तेली और महामंत्री पंकज बोराणा समेत कई नेताओं ने निंदा की।
सांसद मन्नालाल रावत सह अध्यक्ष की हैसियत से बैठक में शामिल हुए थे। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की 101 योजनाओं पर चर्चा की मांग की, लेकिन डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने मुद्दों से भटकाने के लिए सांसद से अभद्रता की। सांसद रावत के साथ किया गया यह कृत्य अत्यंत निंदनीय है।
-गजपाल सिंह राठौड़, जिलाध्यक्ष भाजपा