
उदयपुर/ भटेवर. वल्लभनगर उपखंड मुख्यालय के सबसे बड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी के चलते ग्रामीण स्वास्थ्य भगवान भरोसे बना हुआ है। एक मात्र चिकित्सक के भरोसे संचालित चिकित्सालय की व्यवस्थाओं से खफा ग्रामीणों ने शुक्रवार को चिकित्सालय के बाहर प्रदर्शन किया। साथ ही बिना देर लगाए चिकित्सकों की नियुक्ति करने की बात कही। गौरलतब है कि 50 बेड क्षमता वाले इस अस्पताल में चिकित्सा विभाग की अनदेखी के चलते सारा जिम्मा एक मात्र चिकित्सक पर बना हुआ है। सामान्य स्थिति में भी स्थानीय ग्रामीणों को उपचार के लिए उदयपुर मुख्यालय जाना होता है। दूसरी ओर चिकित्सालय में आपात सुविधा मुहैया ही नहीं होती। सामान्य डिलीवरी में भी प्रसूताओं को उदयपुर स्थित महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय में रैफर करने की परंपरा बन गई है। बारिश के मौसम में मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बात उदयपुर जिले की करें तो चिकित्सा विभाग की लापरवाही की यहां हद है। ऐसा एक मात्र सीएचसी या पीएचसी नहीं है, जिसमें चिकित्सकों की कमी हो। जिले में बहुतायत में चिकित्सालयों की स्थिति यही है। विभागीय नीतियों में गड़बड़ी के कारण ही यहां चहेतों को खुश करने के लिए उनकी पसंदीदा जगहों पर नियुक्तियां दी जा रही हैं।