
उदयपुर . मावली पंचायत समिति के विजणवास गांव में पानी की समस्या असहनीय हो चुकी है। ग्रामीण महिलाओं को पेयजल के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ता है। समस्या के समाधान को लेकर बार-बार जनप्रतिनिधियों से गुजारिश कर हारी महिलाएं आखिरकार मंगलवार को उदयपुर स्थित अधिशाषी अभियंता कार्यालय आ धमकीं और जमकर प्रदर्शन करने के साथ ही समस्या से अवगत कराया। उदयपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर विजणवास गांव से बड़ी संख्या में आक्रोशित महिलाएं दोपहर में यहां पटेल सर्कल स्थित ग्रामीण खंड कार्यालय पहुंची और मटके फोडकऱ प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि गांव में पेयजल की भारी मारामारी चल रही है। 20-20 दिनों के अंतराल से पानी सप्लाई होती है। यह समस्या कई वर्षों से है, लेकिन इसका समाधान नहीं हो रहा है। शांताबाई ने बताया कि गांव के स्कूल में बच्चे तक प्यासे रहते हैं। अध्यापक पानी का बंदोबस्त कहां से करे। करीब तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में पानी को लेकर सभी लोग परेशान हैं।
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कुएं- बावडिय़ां भी रीते
बसंती सालवी ने बताया कि गांव में कई कुएं और बावडिय़ां हैं, लेकिन अधिकांश सूखे पड़े हैं। ऐसे में महिलाओं को पेयजल के लिए काफी दूर तक भटकना पड़ता है।
हैंडपंप भी सूखे
नकाबाई ने बताया कि गांव में हैंडपंप भी सूखे हुए हैं। पेयजल संबंधी प्रस्ताव पारित हुआ था, लेकिन दो वर्ष बाद भी अब तक कोई कार्य नहीं हुआ है। पानी का टैंकर पांच सौ रुपए में आता है। ऐसे में गरीब लोग टैंकर कहां से डलवाए।
कल से ही होगी सप्लाई
महिलाओं की समस्या जायज है। सहायक अभियंता को निर्देश दिए गए हैं कि वे कल से ही टैंकर मंगवाकर टंकी भरे और गांव में पानी की सप्लाई सुनिश्चित करे। इस गांव का प्रस्ताव दिसंबर में ही हमारे पास आया है। यहां पानी के भूमिगत स्रोत नहीं के बराबर है। गांव के लिए दो करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाया है। इसमें सबमर्सिबल से पानी लेकर सप्लाई किया जाएगा। 28 मई को इसका टेंडर होना है। यह प्रस्ताव पारित होने के बाद 72 घंटे में गांव में पानी की सप्लाई होगी।
नरेश सिंह, अधिशाषी अभियंता, ग्रामीण खंड, उदयपुर